शरद पूर्णिमा आज, टेसू झेंझी होंगी विसर्जित
Gargachary Times
6 October 2025, 20:48
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Mathura
गांवों में चल रहे टेसू झेंझी के खेल पर पांच दिन बाद आज विराम लग जाएगा। नदी और तालाब में इनका विसर्जन करेंगे।
ग्रामीण इलाके में दशहरा पर्व से टेसू का खेल शुरू हो जाता है। टेसू को महाभारत कालीन घटोत्कच का पुत्र बर्बरीक माना जाता है और झेंझी उसकी प्रेमिका। शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा को भगवान श्री कृष्ण ने दोनों का विवाह कराया था। तभी से टेसू खेल की परंपरा जीवंत है। हर साल बच्चे इस खेल को बड़े उत्साह और जज्बा से खेलते आ रहे हैं। सालभर इस खेल का बेसब्री से इंतजार किया जाता है। टेसू खेल रहे बालक राम ने बताया कि वह हर साल टेसू खेलता है। इस दौरान वह घर घर जाकर अनाज का चन्दा लेता है। जैसा कि अन्य बच्चे भी यही करते हैं। शास्त्रों के अनुसार तो इस चंदे से शरद पूर्णिमा की रात्रि में टेसू झेंझी का विवाह सम्पन्न कराया जाता है। लेकिन देहात में आधी अधूरी परम्परा के साथ आज भी चलन में है।