उज्ज्वल ब्रज संस्था के सफाई कर्मियों को वेतन न मिलने पर किया हंगामा
Gargachary Times
10 October 2025, 20:56
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Mathura
दीवाली से पहले मासिक वेतन न मिलने से नाराज निजी संस्थान के सफाई कर्मी हड़ताल पर जाने से गिरिराज परिक्रमा की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। सफाई कर्मी बीते दिनों से संस्थान के पदाधिकारियों से वेतन देने की मांग कर रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने पर आज सफाई कर्मी एकजुट होकर नारेवाजी कर प्रदर्शन के लिए मजबूर हो गए, सफाई कर्मियों ने संस्थान सचिव चोर है के नारेवाजी कर प्रदर्शन किया।
गौरतलब है कि गोवर्धन गिरिराज परिक्रमा मार्ग में सफाई व्यवस्था के लिए मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने वृंदावन की निजी संस्था उज्ज्वल ब्रज को ठेका दे रखा है। ये संस्था परिक्रमा मार्ग की सफाई व्यवस्था संभालती है। परिक्रमा मार्ग में अलग अलग जगह केम्प कार्यालय बने हुए हैं। इन्ही कैम्प कार्यालयों से सफाई कर्मी सफाई व्यवस्था संभालते हैं। दो दर्जन से ज्यादा सफाई कर्मी नियमित सफाई परिक्रमा में करते रहते हैं। अहोई अष्टमी और दीवाली त्यौहार नजदीक है, ऐसे में 3 माह से इन्हे संस्था द्वारा वेतन नहीं दिया गया। आरोप है कि सफाई कर्मियों ने संस्थान के सचिव अनंत शर्मा से वेतन मांगा तो नौकरी से निकाल देने की धमकी दे डाली। इससे सफाई कर्मियों में आक्रोश पनप गया, सफाई कर्मियों ने सचिव अनंत शर्मा का घेराव कर लिया, और सचिव चोर है के नारेवाजी कर प्रदर्शन करने लगे। सचिव चोर है और प्रदर्शन करते सफाई कर्मियों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इस संबंध में संस्थान के मैनेजर कुलदीप शर्मा ने बताया कि कार्यालय पर नशेवाजी की शिकायत को लेकर मामला हुआ है। सफाई कर्मियों के मेट बदलने की प्रक्रिया चल रही है। वेतन न मिलने के आरोप निराधार हैं. सफाई कर्मियों ने मुझे चोर बोलकर अपमान किया हैं.
= विवादों में बनी रहती हैं उज्ज्वल ब्रज संस्था
गोवर्धन. राधाकुण्ड परिक्रमा मार्ग स्थित उज्ज्वल ब्रज संस्थान विवादों में घीरी रहती हैं. संस्थान के सचिव पर कर्मचारियों और श्रद्धालुओं द्वारा अभद्रता करने करने का आरोप भी लगे रहते हैं. बिगत साल पूर्व उज्ज्वल ब्रज की कैम्प कार्यालय में बने तीर्थ यात्री व पर्यटकों के लिए बने शौचालय में स्नान करती महिला श्रद्धालु की संस्थान कर्मचाईयों ने मोबाईल में वीडियो बनाकर एक दूसरे को व्हाट्सएप पर वायरल किया था. मामला तूल पकड़ने पर संस्थान के सचिव ने अपनी रसूख के चलते महिलाओं की शिकायत पर थाने में कार्यवाही नहीं होने दी थी.