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उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बन रहा है हब

Gargachary Times 14 October 2025, 19:53 137 views
Firozabad
उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बन रहा है हब
सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र, सरकार और उद्योगों के विकास के लिए महत्वपूर्ण होते है, जो ई-गवर्नेंस इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने में प्रमुख भूमिका निभाते है। सूचना प्रौद्योगिकी मुख्य रूप से कम्प्यूटर साफ्टवेयर, नेटवर्किंग और डेटा से सम्बन्धित होते है जबकि इलेक्ट्रानिक्स इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सर्किट के डिजायन, निर्माण और रखरखाव पर केन्द्रित है। वर्तमान में विश्व के जिस देश में सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र विकसित है, वह देश चतुर्दिक क्षेत्रों में विकसित होकर आर्थिक रूप से समृद्ध हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आई0टी0 का हब बन रहा है। उत्तर प्रदेश में अधिकाधिक निवेश के लिए निवेशको को आकर्षित किये जाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा प्रख्यापित ’’उ०प्र० इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 (प्रथम संशोधन)’’, ’’उ0प्र0 स्टार्टअप नीति-2020 (प्रथम संशोधन)’’ तथा ’’उ0प्र0 डाटा सेन्टर (प्रथम संशोधन) नीति-2021’’, ’’उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं सू०प्रौ० जनित सेवा नीति-2022’’ तथा ’’उ0प्र0 सेमीकण्डक्टर नीति-2024’’ प्रचलित हैं। सभी नीतियों में प्रदेश के पूर्वांचल तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्रों के विकास के लिए अधिक आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहनों का प्राविधान है। महिला/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ट्रांसजेन्डर/दिव्यांगजन वर्ग के हितों को भी दृष्टिगत रखा गया है। प्रदेश सरकार की उ0प्र0 इलेक्ट्रानिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 पर माननीय मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। प्रदेश शासन की नई स्टार्टअप नीति निर्माणाधीन है और शीघ्र ही प्रख्यापित की जायेगी। प्रदेश सरकार की आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स नीति भी बनाई जा रही है और शीघ्र ही प्रख्यापित कर दी जायेगी। विभाग की नीतियों के अन्तर्गत माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, पेटीएम, एचसीएल, विप्रो, हॉयर इलेक्ट्रानिक्स, सैमसंग, एलजी इलेक्ट्रानिक्स, एनएक्सपी, डिक्सन, ऑप्टिमस, एडवर्ब, कैडेन्स, मेंटर ग्राफिक्स, क्वालकॉम, एनवीडिया, केएचवेटेक, सैमसंग, वामासुन्दरी सेमीकण्डक्टर (एचसीएल समूह) और टार्क सेमीकण्डक्टर (हीरानन्दानी समूह), अडाणी, योट्टा, सिफी, एनटीटी, वेबवर्क्स आदि अग्रणी निवेशकों द्वारा प्रदेश में अपनी परियोजनायें स्थापित की गई/स्थापनाधीन हैं। उत्तर प्रदेश सेमीकण्डटर नीति-2024 के अंतर्गत सेमीकण्डक्टर विनिर्माण में निवेश आकर्षित करने हेतु भारत सरकार की पहल के अनुरूप सेमीकण्डक्टर क्षेत्र में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक स्वतन्त्र सेमीकण्डक्टर नीति प्रख्यापित की गई है। सेमीकण्डक्टर इकाइयों के लिए डेडीकेटेड प्रावधान आरम्भ करने वाला उत्तर प्रदेश देश का चौथा राज्य है। नीति प्रख्यापन के प्रथम वर्ष में ही मेसर्स टॉर्क सेमीकण्डक्टर्सप्राइवेट लिमिटेड की रु 28,440 करोड़ तथा मेसर्स वामासुन्दरी इन्वेस्टमेण्ट्स (दिल्ली) प्रा०लि0 की रु 3,706.12 करोड़ के निवेश वाली दो वृहद परियोजनाओं को निवेश हेतु अनुमोदन प्रदान कर लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत कर दिया गया है। इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में प्रदेश सरकार की उ०प्र० इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2017 के अन्तर्गत नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र भारत के इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण हब के रूप में प्रतिष्ठित हुआ। इस नीति के अन्तर्गत सैमसंग, हॉयर, हॉलिटेक, सनवोडा, वीवो, ओप्पो आदि प्रतिष्ठित निवेशकों द्वारा अपनी इकाईयों स्थापित की गई हैं। ईकोटेक-6, सेक्टर-ई, ब्लॉक-सी, ग्रेटर नोएडा स्थित 100 एकड़ भू-क्षेत्र में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। परियोजना हेतु एस.पी.वी. कम्पनी ’’मेसर्स टग्रा इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड’’ की एंकर इकाई मेसर्स ओप्पो मोबाइल्स इण्डिया प्रा०लि० है, तथा इसमें 7 अन्य सदस्य इकाइयाँ हैं। परियोजना निर्माणाधीन है। सूचना प्रौद्योगिकी/सू०प्रौ० जनित सेवा निर्यात 2015 में रु 15,000 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में रु 75,000 करोड़ से अधिक का हो गया है, जो 16 प्रतिशत सीएजीआर दर्ज कर रहा है। प्रदेश सरकार की पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2017-2022 के अन्तर्गत लगभग रु 5,584 करोड़ के निवेश एवं लगभग 53,000 रोजगार अवसरों युक्त इकाइयों स्थापित हुई है। माइक्रोसॉफ्ट इण्डिया, पेटीएम, टाटा कन्सल्टेन्सी, मैक इण्डिया तथा एसपीएन इन्फोसिस्टम्स आदि इस नीति के अन्तर्गत प्रमुख निवेशक हैं। उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं सू०प्रौ० जनित सेवा नीति-2022 के अन्तर्गत रु 17 करोड़ के निवेश तथा 900 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सम्भावनाओं युक्त दो परियोजनाओं की स्थापना हेतु अनुमोदन प्रदान कर निवेशकों को लेटर ऑफ कम्फर्ट प्रदान किया गया है। लगभग रु 48 करोड़ से अधिक के निवेश तथा लगभग 2700 रोजगार सम्भावनाओं वाले तीन परियोजना प्रस्ताव अनुमोदन की प्रक्रियाधीन है। उत्तर प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी एवं सू०प्रौ० जनित सेवा को ’’उद्योग’’ का दर्जा प्रदान किया गया है। तद्नुसार आवासीय विकास प्राधिकरणों तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में औद्योगिक श्रेणी के अन्तर्गत वर्गीकृत भूमि को सूचना प्रौद्योगिकी एवं सू०प्रौ० जनित सेवा क्षेत्र की कम्पनियों को औद्योगिक दर पर उपलब्ध कराई जायेगी। प्रदेश में आईटी और आईटीईएस क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए प्रदेश में भारत सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इण्डिया के सहयोग से आईटी पार्क्स की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में नोएडा, मेरठ, लखनऊ, कानपुर प्रयागराज एवं आगरा में आईटी पार्क्स/एसटीपीआई केन्द्र परिचालनरत हैं तथा वाराणसी, बरेली तथा गोरखपुर में एसटीपीआई केन्द्र विकसित किए जा रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी विकास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से आगे बढ़कर लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी जैसे टियर-2 नगरों तक विस्तृत हो गया है। उ0प्र0 सूचना प्रौद्योगिकी एवं सू०प्रौ० जनित सेवा नीति-2022 के अन्तर्गत परियोजना आवेदन और अनुमोदन के लिए ऑनलाइन प्रोत्साहन प्रबन्धन प्रणाली के तहत एक डेडीकेटेड ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया है।
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