पोशाक गोदाम की भीषण आग ने खोली 'कमर्शियलाइजेशन' की पोल, जाम के कारण 1 घंटे देरी से पहुंची दमकल
Gargachary Times
18 October 2025, 21:17
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Mathura
वृन्दावन। वृन्दावन कोतवाली क्षेत्र के रसिक बिहारी मंदिर के पास व्यास घेरा इलाके में एक पोशाक गोदाम में लगी भीषण आग ने न सिर्फ लाखों रुपये का माल जलाकर राख कर दिया, बल्कि शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में चल रहे अवैध कमर्शियल गतिविधियों की तरफ भी ध्यान खींचा है।
जवाहर अग्रवाल पुत्र मुन्नालाल अग्रवाल के बताए जा रहे इस गोदाम, जिसमें ठाकुरजी की पोशाकें रखी जाती थीं,
जिसमे शुक्रवार को आग लग गई। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि धुएं का विशाल गुब्बार आसमान में छा गया,
जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
जाम और देरी ने बढ़ाया नुकसान
इस दुर्घटना में नुकसान बढ़ने का सबसे बड़ा कारण इलाके की दयनीय यातायात व्यवस्था रही। व्यस्त बाजार क्षेत्र होने और ई-रिक्शाओं के लगातार जाम के कारण दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर लगभग एक घंटे की देरी से पहुंच पाईं। दमकल के पहुंचने में हुई इस देरी ने आग को अनियंत्रित होने का पूरा मौका दे दिया, जिसके कारण लाखों रुपये के माल का नुकसान हुआ।
स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने संकरी गलियों में कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
रिहायशी इलाकों में अवैध गोदाम: एक बड़ा खतरा
इस घटना के बाद एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। रिहायशी इलाकों के बीच इतने बड़े-बड़े गोदामों का संचालन किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते बड़े व्यापारी रिहायशी मकानों को ऊंचे दाम पर खरीदकर उनका व्यावसायिक उपयोग कर रहे हैं।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मकानों को खरीदकर उनका कमर्शियलाइजेशन एक मुहिम की तरह चल पड़ा है। लोगों का कहना है कि यदि यह सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो वृन्दावन की ये गलियां केवल दुकानों और गोदामों तक सीमित होकर रह जाएंगी। इस भीषण अग्निकांड ने प्रशासन को रिहायशी क्षेत्रों में चल रही इन अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दे दी है।