पानी से किसानों की फैसले बर्बाद पशुओं के चारे के भी लाले पड़े
Gargachary Times
26 October 2025, 20:39
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Rajasthan
मानसूनी बारिश में ऐसा कहरढाया जिससे किसान आज भी कराह रहा है खेतों में पानी भरा होने से खरीफ की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है अब रवी की फसल पर संकट के बादल मढरा रहे हैं एक बार बुवाई के बाद बारिश होने से किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है अबखेतोमे पानी भरा रहने से बुवाई के आसार नजर नहीं आ रहे हैं किसान पंप सेट लगाकर पानी को बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं लगातार पानी भरा रहने से वह मगर जल स्तर भी ऊपर आ चुका है किसानों का आरोप है के कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद किशोर ध्यान नहीं दिया जा रहा यदि प्रशासन पूर्व में इस समस्या को गंभीरता से लेट तो इस विकराल संकट से बचा जा सकता था
दरअसल झीलरा कूकरा मात्रा सहरौली राजौरा खुर्द कैथरी रो बाई दोनारीपिपहेरा पिपरौआ कोलारी कनासिल सहित दर्जनों गांव की फासले एवं खेत डूब क्षेत्र में आ चुके हैं किसानों को 3 वर्ष से पर्याप्त फसल नहीं मिल सकी है फासले बर्बाद हो चुकी हैं तथा प्रशासन एवं संबंधित विभाग सिर्फ दूर से देख रहा है फासले बर्बाद हो चुकी हैं किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट मुहबाये खड़ा है पशुओं के चारे के प्रबंधन में किसानों का पसीना छूट रहा है पशुपालक चारे की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं यहां तक यहां तककि किसानों को इस संकट की घड़ी में चारे के प्रबंधन में गहने तक गिरवी रखने पड़ रहे हैं सरकार सिर्फ विज्ञापनों के सहारे किसानों को अपनी योजनाओं का भरपूर लाभ देने का वादा कर रही है उधर सरकारी दस्तावेजों में किसानों के मुआवजे की फाइल काफी नीचे दब चुकी है पिछले 3 वर्षों से फासले हारने के कारण किसान तंगी की हालत में पहुंच चुका है बाजरा दलहन तिलहन ज्वार मक्का मूंग मूंगफली पहले ही नष्ट हो चुके अवसर सॉन्ग गेहूं चना मटर के भी लाले पड़ रहे हैं उधर लगातार पानी भरा रहने से नहर के किनारे बसे गांव में जमीनी जलस्तर मैच 3 से 4 फीट खोदने पर ऊपर आ चुका है किसानों का आरोप है के पूर्व में यदि प्रशासन द्वारा पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाते तो कुछ हद तक इस समस्या से निजात मिल सकती थी