एक कक्षा एक किताब से बच्चों का वस्ता होगा हल्का, सूर्या फाउंडेशन ने की स्कूल भारती संगठन की अभिनव पहल
Gargachary Times
15 November 2025, 19:15
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Mathura
सूर्या फाउंडेशन की शैक्षिक विंग स्कूल भारती आर्गेनाइजेशन, दिल्ली से आए आचार्य सत्यनारायण और विजय दास, आदर्श मिश्रा (ब्रज क्षेत्र प्रमुख), राजकुमार ओझा (SBO), भगवत स्वरुप आदि नें
वनखंडी महादेव मंदिर फरह मथुरा में प्रेस वार्ता आहूत की। इस दौरान आचार्य सत्यनारायण नें बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)–2020 के अनुच्छेद 4.33 की भावना को साकार करते हुए, स्कूल भारती ऑर्गेनाइजेशन (SBO) ने बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने की दिशा में एक अभिनव पहल की है। “एक कक्षा, एक किताब (ALL IN ONE)” परियोजना के अंतर्गत कक्षा 1 से 5 तक के लिए समेकित पाठ्य-पुस्तकों की रचना की गई है, जो शिक्षण को रोचक, गतिविधि-आधारित और सहज बनाती है।
इन पुस्तकों को NEP-2020 तथा NCF-SE-2023 के सभी प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। पुस्तकों में हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विज्ञान, मूल्य शिक्षा, कला, योग, खेल, शारीरिक शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं परिवार-कल्याण जैसे सभी आवश्यक विषयों का समेकन किया गया है।
वर्तमान में यह श्रृंखला देशभर के लगभग 350 निजी स्कूलों में लागू है, जिनमें दीन दयाल धाम के आसपास के 10 विद्यालय भी शामिल हैं। आचार्य जी ने जोर देकर कहा कि सूर्य भारती पुस्तकों से बच्चों का बस्ता हल्का हुआ है और शिक्षण प्रक्रिया अधिक आनंददायक बनी है।
पुस्तकों की प्रमुख विशेषताएँ :
प्रत्येक पुस्तक में 500 से अधिक आकर्षक चित्र।
गीत, कहानी, नाटक, संवाद, खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखना।
सरल भाषा में स्थानीय संदर्भों के साथ राष्ट्रीय एवं वैश्विक दृष्टिकोण।
मूल्य शिक्षा, कला, संगीत, योग, खेल और स्वास्थ्य पर समेकित अभ्यास।
शिक्षकों के लिए उपयोगी टीचिंग सपोर्ट सामग्री।
विशेषज्ञों के उद्गार:
शिक्षण विशेषज्ञों ने इस श्रृंखला को बच्चों की प्राकृतिक जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने वाला बताया। NEP–2020 के अनुरूप यह पुस्तकें बच्चों को सोचने, समझने, खोजने और रचनात्मक बनने के लिए प्रेरित करती हैं। विशेषज्ञों ने इसे आधुनिक, उपयोगी, व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख शिक्षण प्रयास बताया।
सूर्या फाउंडेशन – स्कूल भारती संगठन की यह पहल भारत की नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण, सरल और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो "राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020" की मूल भावना को साकार करती है।