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मतदेय स्थलों के आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक

Gargachary Times 15 November 2025, 20:10 159 views
Mathura
मतदेय स्थलों के आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
मथुरा: जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में मतदेय स्थलों के आलेख्य प्रकाशन के उपरान्त समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई संपन्न। अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण संबंधित निर्देश एवं कार्यक्रम जारी किये गये हैं। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पुनरीक्षण से पूर्व गतिविधियों के अन्तर्गत मतदाताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने एवं सुगमता बढ़ाने हेतु 1200 से अधिक मतदाता वाले मतदेय स्थलों का सम्भाजन हेतु समय-सारणी निर्धारित की गयी है। उक्त के संबंध में दिनांक 10 नवंबर 2025 को आपत्तियाँ एवं सुझावों हेतु मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन किया गया था तथा मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई गई थी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी दलों के प्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि अपने-अपने दलों के बी0एल0ए0 नियुक्त करे। सभी बी0एल0ए0 एवं बी0एल0ओ0 समन्वय स्थापित करते हुए एस0आई0आर0 के कार्यों को सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराए। उन्होंने कहा कि सभी राजनैतिक दल तहसील स्तर पर भी एक समन्वयक की नियुक्ति करे, जो सीधे उप जिलाधिकारियों से समन्वय रखे। जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि विधानसभा वार आलेख्य प्रकाशित मतदेय स्थलों में 81 छाता में 417, 82 मांट में 458, 83 गोवर्धन में 401, 84 मथुरा में 509 तथा 85 बल्देव (अ0जा0) में 481 है। जिलाधिकारी ने जन सामान्य एवं राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि जनपद में अवस्थित विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदेय स्थलों की आलेख्य प्रकाशित सूची के बाबत यदि कोई आपत्ति या सुझाव हो तो कृपया लिखित रूप से दिनांक 17 नवंबर 2025 तक सम्बन्धित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / उप जिलाधिकारी / तहसीलदार के कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय, डीआरडीए भवन, मथुरा निकट राजीव भवन मथुरा में प्रस्तुत कर सकते हैं। बैठक के उपरांत जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में निर्वाचन से संबंधित स्थापित कंट्रील रूम का निरीक्षण करवाया। उन्होंने कंट्रोल रूम के नंबर 1950 में राजनैतिक दल के एक प्रतिनिधि से कॉल भी करवाया। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विभिन्न बी0एल0ओ0 को कॉल किया तथा गणना पत्रों के वितरण के संबंध में जानकारी ली। मतदेय स्थलों के संभाजन के संबंध में दिशा निर्देश। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/ उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 पंकज कुमार वर्मा ने अवगत कराया कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन मतदेय स्थल भवन तथा उससे सम्बद्ध किये जाने वाले निर्वाचक नामावली के सुसंगत भाग के शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के बाद किया जायेगा अर्थात् भवन के सत्यापन के साथ-साथ यह भी देखा जायेगा कि उस मतदेय स्थल की निर्वाचक नामावली में अंकित मतदाताओं का निवास उस भवन के आस-पास भौतिक रूप से हो। सत्यापन का कार्य जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा प्राधिकृत जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम द्वारा किया जाएगा। सम्भाजन की कार्यवाही के दौरान राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी प्रत्यावेदनों की सूची तैयार की जायेगी तथा यह भी उल्लेख किया जाये कि प्रस्ताव स्वीकृत किया गयो या नहीं। दोनों दशा में स्वमुखरित आदेश के द्वारा प्राप्त प्रत्यावेदनों का निस्तारण सुनिश्चित किया जायेगा एवं ऐसे निर्णय की प्रति राजनतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जायेगी। यदि राजनैतिक दलों के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किये जाते हैं, तो रिपोर्ट में इनके स्वीकार नहीं किये जाने के कारणों का भी उल्लेख किया जाएगा तथा स्वीकृत एवं अस्वीकृत प्रस्तावों को पृथक-पृथक सूची में अंकित किया जायेगा। भारत निर्वाचन आयोग की अपेक्षा है कि बहुमंजिली भवनों / ग्रुप हाउसिंग सोसाइटिस/आर० डब्लू०ए० कालोनिज जिनके पास अपने परिसर में भूतल पर सामान्य सुविधा क्षेत्र / सामुदायिक हॉल हो वहां नये मतदेय स्थल स्थापित किये जाने पर विचार किया जा सकता है। उक्त के अतिरिक्त नगरीय क्षेत्रों के झुग्गी झोपडी वाले समूहों और नगरीय / अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों जहां बाह्य विकास हुआ है उन क्षेत्रों में भी उक्त के संबंध में विचार किया जा सकता है। आयेग द्वारा यह भी अपेक्षा की गयी है कि एक पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदेय स्थलों के मध्य यथासंभव उचित संख्या में मतदाता हों और कोई भी परिवार न टूटे तथा परिवार के सभी सदस्य समान अनुभाग एंव समान स्थान पर रखे जायें। आयोग द्वारा मतदेय स्थलों के सम्भाजन प्रक्रिया के दौरान व्यापक सर्वे कराकर जहां ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी तथा बहुमंजिली भवन बन गये गये हैं, उन क्षेत्रों के उक्त भवनों में मतदेय स्थल बनाने हेतु भूतल पर हतु कम्यूनिटी हॉल / स्कूल आदि उपलब्ध हों तो उक्त सोसाइटी एवं भवनों में आवासित मतदाताओं हेतु नया मतदेय स्थल बनाये जाने के संबंध में विचार किया जा सकता है। नगरीय क्षेत्र के झुग्गी झोपड़ी वाले समूहों और नगरीय/अर्द्ध नगरीय क्षेत्रों जहां बाह्य विकास हुआ है उन क्षेत्रों में भी उक्त के संबंध में विचार किया जा सकता है। विशेष परिस्थितियों में 300 से कम मतदाता वाले मतदेय स्थलों को रखा जाना अपरिहार्य हो, तो उस मतदेय स्थल को बनाये रखे जाने के सम्बन्ध में स्पष्ट कारण का उल्लेख करना चाहिए। शहरी क्षेत्रों में जहाँ नयी आवासीय कालोनियां गत कुछ वर्षों में बनी हैं और उसमें नागरिक निवास करने लगे हैं तो वहाँ पर यथावश्यकता नया पोलिंग स्टेशन बनाया जाए। अत्यधिक पुराने व जर्जर भवन वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। अस्थायी निर्माण वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपलब्ध स्थायी भवन में स्थानान्तरित कर दिया जाए। ऐसे मतदेय स्थलों को चिन्हित किया जाए, जो मुख्य गाँव/बस्ती से पर्याप्त दूरी पर हैं, उन मतदेय स्थलों को वहाँ से हटाकर मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाए। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाए कि पोलिंग स्टेशन की दूरी लगभग 02 कि०मी० से अधिक न हो। जिन मतदेय स्थलों के भवन पुराने व जर्जर नहीं हैं तथा जहाँ मतदाताओं को 02 कि०मी० से अधिक दूरी चलने की आवश्यकता नहीं है, ऐसे मतदेय स्थलों की स्थिति में परिवर्तन नहीं किया जाए। कोई मतदेय स्थल यदि अपने मतदान क्षेत्र (Polling Area) में उपयुक्त भवन न उपलब्ध होने के कारण मतदान क्षेत्र से बाहर स्थित है और अब मतदान क्षेत्र के अन्तर्गत उपयुक्त भवन उपलब्ध हो गया है तो ऐसे मतदेय स्थल को अपने मतदान क्षेत्र के अन्दर स्थित भवन में शिफ्ट कर दिया जाए। यदि भौतिक सत्यापन में किसी मतदेय स्थल के संबंधित विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित होने का मामला प्रकाश में आता है तो ऐसे पोलिंग स्टेशनों को परिवर्तित कर विधानसभा क्षेत्र के अन्दर स्थापित किया जाए। सभी मतदेय स्थल भवनों के यथासम्भव भूतल पर होना सुनिश्चित किया जाए। दिव्यांगजनों और अशक्त मतदाताओं की सुविधा के लिये प्रत्येक मतदेय स्थल पर रैम्प की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी राजनैतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के अन्दर कोई भी मतदेय स्थल नहीं बनाया जाए। यह भी सुनिश्चित कर लिया जाय कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन के पश्चात् मतदेय स्थलों के स्थान में अंतिम क्षणों में परिवर्तन की आवश्यकता न रह जाय। यदि कोई मतदेय स्थल निजी भवन में स्थापित है और वहां यदि शासकीय भवन उपलब्ध हो गये हैं तो उक्त मतदेय स्थलों को शासकीय भवनों में स्थानान्तरित कर दिया जाय। यदि कोई मतदेय स्थल दुकान / व्यवसायिक प्रतिष्ठान / व्यक्तिगत सामुदायिक केन्द्र/विवाह घर अथवा ऐसे भवन जिनका स्वामित्व किसी राजनैतिक व्यक्ति के पास है, ऐसे मतदेय स्थलों हेतु विकल्प तलाश कर उनको स्थानान्तरित कर दिया जाय। मतदेय स्थलों के सम्बन्ध में राजनैतिक दलों से प्राप्त सभी शिकायतों तथा सुझावों की सम्यक् रूप से जांच की जाय तथा उन्हें उपर्युक्त उत्तर देते हुए उनका निपटान किया जाय। लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दौरान या उसके बाद मतदेय स्थलों के सम्बन्ध में जो शिकायतें प्राप्त हो, उनका परीक्षण कराकर निपटान कर लिया जाए। मतदेय स्थलों के बनाते समय ए०एम०एफ० सम्बन्धी सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाय। मतदेय स्थलों के आलेख्य सूची को डी0ई0ओ0 की वेबसाइट पर आलेख्य प्रकाशन के दिनांक 10 नवंबर 2025 को उपलोड कर दिया गया है, ताकि जन सामान्य से शिकायतें / सुझाव प्राप्त हो सकें।
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