जीसीसी में निवेश बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश ने मुंबई में किया जीसीसी नीति 2024 का प्रचार
Gargachary Times
17 November 2025, 19:26
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Lucknow
उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट यूपी ने मुंबई में निवेशकों के साथ एक उच्च-स्तरीय गोलमेज सत्र (राउंडटेबल) आयोजित किया, जिसमें उत्तर प्रदेश की 'वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति 2024' का प्रदर्शन किया गया। इस बैठक में उद्योग जगत के प्रमुख, रियल एस्टेट निवेशक, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधि और वित्तीय क्षेत्र के महत्वपूर्ण हितधारक शामिल हुए। प्रतिभागियों ने जीसीसी, अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्रों, डेटा केंद्रों और उन्नत सेवा केंद्रों में निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
सत्र में, उत्तर प्रदेश के प्रतिस्पर्धात्मक लाभों पर प्रकाश डाला गया, जिनमें आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन, कुशल मानव संसाधन, उत्कृष्ट विश्व-स्तरीय कनेक्टिविटी और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (व्यापार सुगमता) जैसी प्रमुख विशेषताएँ शामिल थीं। इन विशिष्टताओं को निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत कर, प्रदेश में जीसीसी क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दृढ़ प्रतिबद्धता प्रदर्शित की गई।
उत्तर प्रदेश सरकार के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव, श्री आलोक कुमार ने कहा: "उत्तर प्रदेश अपने तकनीकी रूप से दक्ष युवा, आधुनिक बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) और प्रतिस्पर्धी लागत के साथ निवेशकों को एक निवेश अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।"
इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्री शशांक चौधरी ने स्पष्ट किया: "उत्तर प्रदेश 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति 2024' का लक्ष्य ज्ञान-आधारित तथा अनुसंधान एवं विकास (R&D) संचालित निवेश को आकर्षित करना है। पेरोल सब्सिडी, बौद्धिक संपदा अधिकार प्रतिपूर्ति, पूंजीगत और भूमि सहायता जैसे प्रावधानों के माध्यम से, यह नीति प्रारंभिक चरण के जोखिमों को कम करती है, जिससे निवेशकों को अपने व्यापार का विस्तार करने में सुविधा मिलती है। इसके अतिरिक्त, हमारा सिंगल-विंडो सिस्टम 'निवेश मित्र पोर्टल' और समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर्स, अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाकर 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देते हैं।"
उद्योग जगत के प्रतिनिधि श्री अनुज चोपड़ा, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, हायर इंडिया ने उत्तर प्रदेश के नवाचार एवं प्रौद्योगिकी-आधारित विकास की विशेष रूप से सराहना की।
प्रतिभागियों ने को-डेवलपिंग कैंपस, डेटा सेंटर और प्रतिभा-आधारित सुविधाओं के सह-विकास में अपनी रुचि दोहराई। उन्होंने कहा कि नीतिगत स्पष्टता और निवेश-सुगमता के कारण प्रदेश की छवि में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है।
श्री राजीव गोयल, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, हैवल्स इंडिया ने भी उत्तर प्रदेश के प्रगतिशील निवेश माहौल की प्रशंसा की।
कई अन्य जीसीसी कंपनियों के पदाधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और राज्य के रोजगार-उन्मुख प्रतिभा समूह, सुदृढ़ बुनियादी ढांचे तथा सरकारी प्रोत्साहनों में गहरी रुचि व्यक्त की।
मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम ने वित्तीय संस्थानों, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और सेवा क्षेत्र के अग्रणी प्रतिनिधियों को इन्वेस्ट यूपी टीम से जोड़ते हुए, वहां के सशक्त कॉर्पोरेट इकोसिस्टम का लाभ उठाया। इस पहल ने रणनीतिक चर्चाओं को भूमि आवंटन और परियोजना-स्तरीय प्रतिबद्धताओं में बदलने का मार्ग प्रशस्त किया। यह उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और नवाचार-आधारित विकास के भविष्योन्मुख गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।
इसके अतिरिक्त, अपर मुख्य सचिव, श्री आलोक कुमार ने आदित्य बिड़ला समूह की कंपनियों—अल्ट्राटेक और ग्रासिम—के सीएफओ से भी मुलाकात की। उन्होंने सुप्रीम इंडस्ट्रीज़ और हिंदुजा समूह के शीर्ष प्रबंधन के साथ भी औपचारिक वार्ता की।