खेतों पर सरहद जैसी पहरेदारी, टॉर्च-डंडा लेकर किसान कर रहे चौकीदारी
Gargachary Times
7 December 2025, 19:27
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Mathura
फरह। छुट्टा पशु फसल के दुश्मन बने हुए हैं। कड़ाके की ठंड के बीच शाम को दिन ढलते ही अन्नदाता कंबल लपेटकर निकल पड़ते हैं। एक हाथ में टॉर्च और दूसरे हाथ में डंडा रहता है। किसान पहुप सिंह कहते है कि ठंड में जब कोई घर से निकलना नहीं चाहता उस वक्त किसान आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए खेत में डटे रहते हैं।
किसान गब्बर कहते है कि क्षेत्र में पशुओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इस बार सिर्फ छुट्टा गोवंश ही नहीं, जंगली सुअर भी फसलों को तबाह कर रहे हैं। ऐसे में किसान खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। दिन में कुछ किसान खेतों में पशुओं के पीछे डंडा लेकर दौड़ लगाते रहते है तो वहीं अंधेरा होते होते भी काफी किसान देर रात हाथ में टॉर्च और डंडा लिए अपनी खेत की रखवाली कर रहे थे। किसानों ने खेतों के बीच झोपड़ी बना ली और किसान यहां बैठकर अलाव पर तापते हुए फसलों की रखवाली कर रहे है।
बधाया, पिपरोठ, बिरौना, लुहारा, में किसान टार्च की रोशनी से खेतों की रखवाली करते मिले। किसानों का कहना है कि पहले फसल पैदा करो, फिर उसके चौकीदार बन जाओ।आवारा पशुओं का झुंड घूमता है जो रातभर में पूरे खेत को तबाह कर देता है। वरना, इतनी सर्दी में रजाई से निकलने को किसका मन करता है। मजबूरी ही है जो यहां खींच लाती है। पड़ोस के खेत पर भी किसान बैठे थे उन्होंने बताया पूरी रात खेत की मेड़ पर बैठकर रखवाली करनी पड़ती है। कई बार तो ठंड लगने से बीमार हो चुके हैं, लेकिन किसानों की समस्या किसी को दिखाई नहीं देती। गांव के ही खेमा, बुद्धि आदि कहने लगे कि किसान ही जो इतना कष्ट झेलकर भी मुस्कराता रहता है। वरना सरकारी कर्मचारियों को देख लीजिए, जरा सा संकट आ जाता है तो हड़ताल कर बैठते हैं। किसान तो हड़ताल भी नहीं कर सकता। गाय, सांड़, सूअर आदि सभी फसल को बर्बाद कर रहे हैं। सरकार द्वारा बनाई गईं गोशालाएं भी सही तरीके संचालित नहीं हो रही हैं।