विशाल नगर कीर्तन का अनेक स्थानों पर हुआ भव्य स्वागत
Gargachary Times
14 December 2025, 21:21
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Agra
श्रद्धा आस्था सेवा और शक्ति का अनूठा संगम नगर कीर्तन में देखने को मिला एक और जहां गुरबाणी की धुन मन में श्रद्धा भावना पैदा कर रही थी तो वहीं दूसरी ओर गटके के प्रदर्शन में तलवार और दालों की टक्कर शरीर में शरण पैदा करते हुए जोश का संचार कर रही थी। यह अवसर था सरबंस दानी सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के पूर्व 14 दिसंबर को विशाल नगर कीर्तन के आयोजन का। प्रतिवर्षआगरा में सिख धर्म की केंद्रीय संस्था श्री गुरु सिंह सभा माईथान की ओर से नगर कीर्तन का आयोजन गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व से पूर्व किया जाता है इस वर्ष नगर कीर्तन गुरुद्वारा माईथान से प्रारंभ होकर गुरुद्वारा गुरु का ताल पर समाप्त हुआ।
नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा गुरु का ताल
के ग्रंथि हरबंस सिंह जी ने अरदास के साथ की ।जिसके बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप को प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के पुत्र अलौकिक उपाध्याय अपने सिर पर रखकर आए और फूलों से सजी पालकी में विराजमान कराया। किसके साथ ही नगर कीर्तन की शुरुआत हुई।पालकी के आगे गुरु पंथ के दास संस्था के सदस्यों के साथ-साथ अनेक महिला पुरुष नंगे पैर झाड़ू से सफाई, पानी का छिड़काव और सड़क पर पुष्प वर्षा करते हुए सेवा और आस्था का एक अनूठा संगम प्रदर्शित कर रहे थे। पालकी के आगे पंज प्यारेऔर निशानची साहिबान चल रहे थे जिनके पीछे आ रही पालकी पर पूरे मार्ग में संगत माता टेकने को उमड़ रही थी।
नगर कीर्तन का दूसरा मुख्य आकर्षण गुरुद्वारा गुरु का ताल का संत सिपाही रंजीत अखाड़ा रहा। जिसमें गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी के नेतृत्व में सैकड़ो वीर सिख मार्शल आर्ट गतका के माध्यम से अनेक तरह के शास्त्रों का प्रदर्शन करते हुए युद्ध कला के करतब दिखा रहे थे। बालिकाओं की भी भागीदारी इस वर्ष गटके में काफी रही और उन्होंने भी युद्ध कला का प्रदर्शन किया।