कल्पतरु की बिल्डिंग पर सैकड़ों पीड़ित हुए एकत्रित, भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
Gargachary Times
31 July 2025, 21:11
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Mathura
चिटफंड कंपनियों के शिकार हजारों ग्रामीणों का गुरुवार को धैर्य जबाव दे गया। भारी संख्या में लोग कल्पतरु के भवन पर एकत्रित हुए और अपने जमा पैसे के भुगतान की मांग उठाई।
ठगी पीड़ित परिवार संगठन के तत्वावधान में चिटफंड कंपनियों के शिकार सैकड़ों पीड़ित फरह में एकत्रित हुए। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक मदनलाल आजाद ने कहा, देश में 42 करोड़ से ज्यादा निवेशक तीन लाख चिटफंड कंपनियों का शिकार हुआ है। ये चिटफंड कंपनिया जनता की मेहनत की कमाई पर डाका डाल कर भाग निकलीं । निवेशक ठगे रह गए।ठगी पीड़ित परिवार संगठन ने कहा, सरकार चिटफंड कंपनियों के शिकार निवेशकों का धन लौटाए अन्यथा सुनवाई न होने पर संसद तक पैदल मार्च किया जाएगा। अगर सरकार हमारी सुनवाई नहीं करती है तो हम संसद के लिए कुछ करेंगे और हाईवे को जाम किया जाएगा रेलवे की पटरियों को उखाड़ जाएगा। उन्होंने
अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी अधिनियम-2019 का उल्लेख कर जिम्मेदारी का अहसास भी कराया।
संगठन ने बताया कि कई जिलों में बड्स एक्ट के तहत आवेदन लेने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है। ऑनलाइन पोर्टल अक्सर बंद रहता है। पहले दिए गए आवेदन लंबित पड़े हैं। अधिकारी बड्स एक्ट की धारा 7(3) के तहत जब्ती-नीलामी की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
ज्ञापन में एजेंट्स के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस और निवेशक एजेंट्स पर दबाव बनाकर जबरन वसूली कर रहे हैं। कई मामलों में एजेंट्स को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई एजेंट्स ने आत्महत्या कर ली है और कई पलायन को मजबूर हैं।
संगठन की प्रमुख मांगों में सभी थानों और जिलों में बड्स एक्ट के तहत भुगतान के लिए विशेष आवेदन शिविर लगाना शामिल है। साथ ही सक्षम अधिकारियों को नोटिस, सम्मन, कुर्की जैसे विधिक उपाय अपनाकर निवेशकों को दो से तीन गुना राशि का भुगतान कराने की मांग की गई है।
संगठन ने ठगी पीड़ितों को IPC-2023 की धारा 395 के तहत मुआवजा देने और ED, SEBI जैसी संस्थाओं द्वारा जब्त संपत्तियां बड्स एक्ट अधिकारियों को सौंपने की भी मांग की है। ज्ञापन पर रामजीत सिंह, डॉ. रमन गोला, शिवचरन, ओमप्रकाश, राहुल सिंह, अनिल कुमार, जगमोहन योगी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे ।