डीएम रमेश रंजन द्वारा कल्याण सैक्टर विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा
Gargachary Times
19 December 2025, 20:17
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Firozabad
आज दिनांक 19 दिसम्बर 2025 को जिलाधिकारी रमेश रंजन द्वारा कल्याण सैक्टर विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में की गयी। उक्त समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निम्नवत दिशा-निर्देश दिये गये-
1-वृद्धाश्रम (समाज कल्याण विभाग):- जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विभाग
द्वारा अनुदान प्राप्त वृद्धाश्रम का निरन्तर पर्यवेक्षण किया जाए तथा सर्दी के मौसम के दृष्टिगत वृद्धजनों हेतु अलाव और गर्म कपड़ों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यद्यपि संस्था द्वारा किसी प्रकार की कोई लापरवाही बरती जाती है, तो सम्बन्धित संस्था के विरूद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही प्रस्तावित की जाए।
2-विभिन्न पेंशन योजनाएँः वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांग पेंशन योजना की समीक्षा के दौरान नवीन आवेदन पत्रों कम स्वीकृति पाये जाने फलस्वरूप जिलाधिकारी महोदय द्वारा कल्याण सैक्टर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद के विभिन्न स्थलों पर कैम्पों का आयोजन किया जाए जिससे उक्त योजनाओं के अन्तर्गत पात्र आवेदकों को त्वरित लाभ मिल सके।
3-समस्त प्रकार की छात्रवृत्ति योजनाः समस्त वर्गों हेतु पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना में 21578
छात्र/छात्राओं के आवेदन किया गया तथा 964 आवेदन पत्रों को संस्थान स्तर से रिजेक्ट किया गया है। इस पर उपस्थित कल्याण सैक्टर के अधिकारियों को निर्देशित किया गया छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत जिन आवेदन पत्रों को विद्यालय स्तर से रिजेक्ट किया जा रहा है, के सम्बन्ध में विद्यालयों से औचित्यपूर्ण कारण प्राप्त कर लिया जाए कि उनके द्वारा किन कारणों से आवेदन पत्रों को रिजेक्ट किया गया है।
4-शादी अनुदान योजनाः- उपस्थित सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उक्त योजना का पारदर्शिता के साथ सफल संचालन करें तथा यह भी सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ प्राप्त न कर सके।
उपरोक्त के अतिरिक्त विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए उपस्थित समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी अधिकारी विभागीय योजनाओं पर समयवद्ध रूप से कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें जिससे सी०एम० डैशबोर्ड पर जनपद की प्रगति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।