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वर्तमान परिवेश में मेडिटेशन आवश्यकता नहीं अपितु अनिवार्यता- ब्रह्माकुमारीज

Gargachary Times 21 December 2025, 19:22 128 views
Mathura
वर्तमान परिवेश में मेडिटेशन आवश्यकता नहीं अपितु अनिवार्यता- ब्रह्माकुमारीज
मैडिटेशन के प्रति सभी को जागरूक करने के उद्देश्य से पूरे विश्व में दूसरे अंतराष्ट्रीय ध्यान दिवस पर विभिन्न आयोजन किए जा रहे है.गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गत वर्ष 21 दिसंबर को ‘विश्व ध्यान दिवस’ की औपचारिक घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य मानसिक शांति, आत्मिक सशक्तिकरण और वैश्विक कल्याण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। इसी महत्वपूर्ण अवसर पर अवसर पर 16 वी वाहिनी सी आर पी एफ कमांडेंट श्री नितिन कुमार जी के निर्देशन और ब्रह्माकुमारी संस्था के तत्वावधान में अर्धसैनिक बलों के लिए एक विशेष कार्यशाला एवं राजयोग ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। सत्र का उद्देश्य राजयोग ध्यान की सरल और वैज्ञानिक विधि, उसके व्यावहारिक स्वरूप तथा दैनिक जीवन में इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक और व्यवहारिक लाभों से जवानों को अवगत कराना रहा। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी संस्था की स्थानीय रिफाइनरी नगर सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके कृष्णा दीदी जी ने राजयोग ध्यान को सहज शब्दों में समझाते हुए इसे नियमित जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मथुरा रिफाइनरी के चीफ मैनेजर श्री प्रमोद वर्मा जी ने ध्यान के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आत्मबल, एकाग्रता और सशक्तिकरण के लाभ बताए। रिफाइनरी से पधारे बीके आलोक जी ने ब्रह्माकुमारी संस्था का परिचय देते हुए बताया कि संस्था विश्व के 145 देशों में निःशुल्क ध्यान एवं योग की शिक्षा प्रदान कर रही है, और विगत 90 वर्षों से श्रेष्ठ और सुखमय समाज की पुनर्स्थापना हेतु अनवरत संलग्न है,जिसका अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू, राजस्थान में स्थित है। बीके पूजा ने सभी को गहन ध्यान की अनुभूति कराई।
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