बलदेव मेला में संस्कृति नृत्यशाला के नाम पर खुलेआम अश्लील नृत्य कराया जा रहा
Gargachary Times
22 December 2025, 20:45
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Mathura
बलदेव: बलदेव में अगहन मास की पूर्णिमा से शुरू होने वाले प्राचीन लक्खी मेला में भीषण ठंड में दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। यंू तो मेला में देखने और मनोरंजन के लिए बहुत कुछ है, लेकिन इसमें सबसे मुख्य आकर्षण का केन्द्र डांस पार्टी और झूला हैं।
मेला मंे डांस पार्टी में विभिन्न गानों पर नाचती हुई लड़कियां दर्शको मन को खूब मोह रही हैं। काफी महंगी टिकट होने के बावजूद भी दर्शक इससे दूर नहीं हैं। युवा से लेकर बुजुर्गों तक में डांस पार्टी में नाचती हुई लड़कियों को देखने का खूब के्रज दिख रहा है। यही नहीं डांस पार्टी वाले भी मेला में चलने वाले युवा और बुजुर्गों को मन मोह लेने के लिए परदे को हटा देते हैं।
इसके अलावा करीब 100 फीट ऊंचाई वाला झूला भी युवाओं और महिलाओं के लिए झूलने के लिए मुख्य आकर्षण का केन्द्र है। काफी ऊंचे झूले में झूलने की होड़ जमकर देखी जा रही है। इसके अलावा मेले में मौत का कुंआ, जहाज झूला, रेलगाड़ी आदि मुख्य हैं। इसके के साथ दर्शकों के लजीज व्यंजनों की दुकानें भी सजी हुई हैं। जलेबी के अलावा चांट-पकौड़ी का स्वाद भी दर्शक जमकर ले रहे हैं।
स्थानीय गोपाल पांडेय कहते हैं कि ब्रज के राजा दाऊजी की नगरी में लगने वाले लक्खी मेला में झूला, जहाज झूला, मौत का कुंआ आदि युवाओं और महिलाओं तथा बच्चों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं। दाऊजी का लक्खी मेला सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा है, जो कि अगहन मास के पूर्णिमा से शुरू होकर करीब 1 माह तक अनवरत चलता है। भीषण ठंड में इसे देखने के लिए बलदेव के आसपास के गांवों से हजारों लोग प्रतिदिन आते हैं।
दाऊजी महाराज की नगरी में लख्खी मेले की मर्यादा तार-तार
ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज के पाटोत्सव के अवसर पर अगहन पूर्णिमा को लगने वाले लख्खी मेले में मर्यादा को शर्मसार करने वाला दृश्य सामने आ रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध इस मेले में इन दिनों संस्कृति नृत्यशाला के नाम पर खुलेआम अश्लील नृत्य कराया जा रहा है।
शाम होते ही युवकों की टोलियां डांस पार्टी के दौरान लड़कियों के तंबुओं में प्रवेश करने लगती हैं। यहां बैठकर शराब पी जाती है, जबकि यह क्षेत्र “नो-एंट्री जोन” घोषित है, जहां डांस पार्टी की लड़कियों का निवास और मंच पर जाने का मार्ग है। नियमों के अनुसार दर्शकों के बैठने का स्थान मंच के सामने निर्धारित है, लेकिन उसका खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।
खुले में शराबखोरी, अभद्र इशारे और अश्लील हरकतें आम हो गई हैं। अश्लील नृत्य के दौरान युवकों द्वारा जमकर पैसे लुटाए जा रहे हैं। प्रतिदिन शाम सात बजे से रात दस बजे तक लाखों रुपये उड़ाए जाने की चर्चा है। यह सब उस धर्मनगरी में हो रहा है, जहां पाटोत्सव और लख्खी मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे घटनाक्रम का जिम्मेदार कौन है?