Loading...

1912 शिकायत निवारण केंद्र और 33/11 केवी उपकेंद्र का ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने किया औचक निरीक्षण

Gargachary Times 1 August 2025, 19:18 117 views
Lucknow
1912 शिकायत निवारण केंद्र और 33/11 केवी उपकेंद्र का ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने किया औचक निरीक्षण
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने आज एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि वे प्रदेश में विद्युत सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। शुक्रवार को जब राजधानी लखनऊ में तेज बारिश हो रही थी, उस समय बिना किसी पूर्व सूचना, बिना छाते, बिना सुरक्षा एस्कॉर्ट और बिना प्रोटोकॉल के मंत्री स्वयं निरीक्षण पर निकल पड़े। मंत्री श्री शर्मा सीधे पहुंचे 1912 शिकायत नियंत्रण कक्ष, जहां वे बिना किसी औपचारिकता के अंदर गए और व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखा। निरीक्षण के दौरान जब वे नियंत्रण कक्ष में मौजूद थे, उसी समय बहराइच जिले के रणजीतपुर सब स्टेशन के अंतर्गत गंडेरियन पुरवा गाँव से एक उपभोक्ता का महिला कर्मी ने टोल फ्री के अंतर्गत कॉल रिसीव किया गया। उपभोक्ता ने बताया कि उनके यहाँ का बिजली कनेक्शन एक लाइनमैन ने काट दिया है और दो हजार रुपये की मांग कर रहा है। इस पर मंत्री ने तुरंत पूछताछ की और स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। संबंधित लाइनमैन श्री नेपाली को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके उपरांत ऊर्जा मंत्री विधानसभा क्षेत्र के 33/11 केवी उपकेंद्र पहुंचे, जहाँ उन्होंने वहां तैनात कर्मियों से बातचीत की और जाना कि क्षेत्र में कितनी शिकायतें लंबित हैं, उनका किस तरह से निस्तारण हो रहा है और किन स्तरों पर बाधाएं आती हैं। उन्होंने पाया कि कई शिकायतों को निस्तारित करने में अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। मंत्री ने निर्देश दिया कि दुर्घटना, भ्रष्टाचार, बार-बार की शिकायत, संवेदनशील उपभोक्ता, वीआईपी कॉल या तकनीकी बाधाओं से जुड़ी समस्याओं को ‘विशेष फ्लैगिंग कैटेगरी’ में चिन्हित किया जाए और उनका समाधान तत्काल प्राथमिकता पर किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर होनी चाहिए ताकि कोई भी उपभोक्ता उपेक्षा का शिकार न हो। 1912 टोल फ्री सेवा की समीक्षा करते हुए मंत्री ने वहाँ कार्यरत अधिकारियों, कॉल रिसीवरों और कंट्रोल रूम प्रभारी से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह सेवा आम जनता और विभाग के बीच सेतु है और इसका जवाबदेह, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री ने कहा कि "हमारे लिए उपभोक्ता सर्वोपरि हैं। मैं यह संकल्प ले चुका हूं कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार, ढिलाई और उपेक्षा को खत्म करके एक उत्तरदायी और पारदर्शी प्रणाली तैयार करूंगा। जब तक यह विभाग जनहित की भावना से नहीं चलेगा, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे।
Follow Samachar24