रामबाग में 'गुंडा टैक्स' का काला साम्राज्य: पार्किंग की आड़ में अवैध बस स्टैंड का खेल, राजस्व को लग रहा चूना
Gargachary Times
25 December 2025, 21:12
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Agra
आगरा। ताजनगरी का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला रामबाग चौराहा इन दिनों पार्किंग माफियाओं की अवैध उगाई का केंद्र बन गया है। हाथरस रोड पर रामबाग स्मारक के ठीक सामने नियमों को ताक पर रखकर एक संगठित सिंडिकेट चलाया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में कहीं भी सड़क किनारे निजी बस स्टैंड का ठेका संचालित नहीं है, लेकिन आगरा में प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। राहुल और मोहन की सरपरस्ती, पप्पू खान की दबंगई, इस अवैध वसूली नेटवर्क का मुख्य चेहरा ठेकेदार राहुल और उसका पार्टनर मोहन सिंह परिहार हैं। इन दोनों की पार्टनरशिप में पार्किंग ठेके की आड़ में अवैध बस स्टैंड का संचालन किया जा रहा है। वसूली की जिम्मेदारी पप्पू खान को सौंपी गई है, जिसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी अवैध वसूली के मामले में जेल की हवा खा चुका है। पप्पू खान और उसके गुर्गे यहाँ आने वाली बसों से जबरन वसूली करते हैं।बिना रसीद की 'नकद' लूट, सरकारी खजाना खाली इस सिंडिकेट की कार्यप्रणाली सरकारी राजस्व पर सीधा प्रहार है: न रसीद, न रिकॉर्ड: बसों से मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन नगर निगम की कोई रसीद नहीं दी जाती। यह पैसा सीधे ठेकेदारों की जेब में जा रहा है।अवैध विस्तार: जहाँ केवल 50 छोटी गाड़ियों की पार्किंग की जगह है, वहाँ दबंगई के बल पर 100 से अधिक से गाड़िया खड़ी कराई जा रही हैं। शहर में डग्गेमार वाहन और लाल ऑटो फर्राटे भर रहे जिससे शहर की यातायात व्यवस्था ठप है 24 घंटे रामबाग चौराहे पर बनी रहती है जाम की स्थिति।
टेंडर का उल्लंघन: हाथरस रोड पर प्राइवेट बसों के स्टैंड के लिए कोई टेंडर अस्तित्व में नहीं है, फिर भी यहाँ से बसों का संचालन बेखौफ जारी है। ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
रामबाग चौराहा आगरा की लाइफलाइन है, जहाँ हर समय ट्रैफिक पुलिस की तैनाती रहती है। इसके बावजूद स्मारक के सामने बीच सड़क पर बसों का जमावड़ा और अवैध वसूली का खुला खेल पुलिस और नगर निगम की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। इस अवैध स्टैंड के कारण पूरे क्षेत्र में हर समय भीषण जाम लगा रहता है, जिससे राहगीर और स्थानीय लोग त्रस्त हैं। जनता का सवाल: आखिर मेहरबान कौन लोगों का पूछना है कि जब उत्तर प्रदेश के किसी अन्य जिले में निजी बस स्टैंड का ऐसा ठेका नहीं है, तो आगरा में किसके संरक्षण में यह माफिया राज चल रहा है? जेल से छूटे अपराधी पप्पू खान को वसूली का लाइसेंस किसने दिया?