Loading...

सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में कुटुंब प्रबोधन पर जोर, बालिकाओं को सुरक्षा व आत्मनिर्भरता का संदेश*गुड टच–बैड टच की दी गई जानकारी

Gargachary Times 26 December 2025, 19:20 284 views
Firozabad
सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम में कुटुंब प्रबोधन पर जोर, बालिकाओं को सुरक्षा व आत्मनिर्भरता का संदेश*गुड टच–बैड टच की दी गई जानकारी
फिरोजाबाद। स्वामी बच्चूबाबा सरस्वती विद्या मंदिर में विद्या भारती द्वारा सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राइमरी स्तर की छात्राओं को सुरक्षा, आत्मविश्वास, स्वच्छता और अच्छे व्यवहार के साथ-साथ कुटुंब प्रबोधन का महत्व समझाया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य प्रमोद वर्मा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं मिशन शक्ति की नोडल अधिकारी कल्पना राजौरिया ने बच्चों से सरल और स्नेहपूर्ण संवाद करते हुए कहा कि परिवार ही पहला विद्यालय होता है। उन्होंने छात्राओं को बताया कि सबसे अधिक पूजनीय आपकी मां होती हैं, जो पूरे परिवार और बच्चों के लिए सबसे अधिक समर्पित रहती हैं। इसलिए मां-पिता और बड़ों का सम्मान करना हर बच्चे का कर्तव्य है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे घर के छोटे-छोटे कार्यों में माता-पिता का सहयोग करें, जैसे अपना सामान संभालना, साफ-सफाई रखना और अनुशासन में रहना। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाना चाहिए, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें और किसी पर निर्भर न रहें। कल्पना राजौरिया ने आत्मरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि छात्राओं को आत्मविश्वासी होना चाहिए और विपरीत परिस्थितियों में खुद का बचाव करना सीखना चाहिए। उन्होंने बच्चों को गुड टच और बैड टच की जानकारी देते हुए समझाया कि यदि कोई उन्हें गलत तरीके से छूता है या कोई ऐसी बात कहता है जिससे उन्हें असहज महसूस हो, तो वह बैड टच होता है। ऐसी स्थिति में बच्चों को डरने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को अजनबियों से बातचीत करने, बिना बताए कहीं जाने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। सड़क पर चलते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करना, स्कूल आते-जाते सतर्क रहना और मोबाइल व इंटरनेट का सीमित व सुरक्षित उपयोग करना भी जरूरी बताया गया। कार्यक्रम में स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बच्चों को रोज साफ कपड़े पहनने, हाथ धोने, साफ पानी पीने और अपने शरीर की देखभाल करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्य्रम संयोजक प्राइमरी हेड रेखा कुमारी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इससे बच्चों में संस्कार, सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जागरूकता से जुड़े सवालों के उत्तर भी दिए। कार्यक्रम का कुशल संचालन मीरा जी ने किया
Follow Samachar24