मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में 71वीं पेंशन अदालत सम्पन्न
Gargachary Times
26 December 2025, 19:43
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Lucknow
मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आज आयुक्त सभागार में 71वीं पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। पेंशन अदालत में पेंशनधारकों द्वारा कुल 03 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 01 प्रकरण का निस्तारण मौके पर ही सम्बन्धित अधिकारियों के माध्यम से कराया गया। शेष 02 प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में मण्डलायुक्त द्वारा सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया गया कि सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण करते हुए प्रकरणों का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मण्डलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पेंशन प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, विलम्ब अथवा उदासीनता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पेंशन एवं सेवानिवृत्ति देयताओं से सम्बन्धित सभी प्रकरणों में समयसीमा का कड़ाई से पालन किया जाए तथा प्रकरणों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
आज हुई पेंशन अदालत के प्रथम प्रकरण जो कु0 प्रिया यादव दत्तक पुत्री स्व0 राजाराम, से0नि0 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संयुक्त कृषि निदेशक, प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण ब्यूरो, लखनऊ, जो पारिवारिक पेंशन अनुमन्य न कराये जाने से सम्बन्धित था। विभाग के अनुसार चूंकि उक्त प्रकरण में श्री राजाराम दिनांक 31.01.2008 को सेवा निवृत्त हुए थे तथा सेवा निवृत्त के पश्चात् दिनांक 22.02.2008 को प्रिया यादव को गोद लिया था तथा दिनांक 20.08.2008 गोदनामा पंजीकरण कराया था। शासनादेश के अनुसार सेवानिवृत्त से पहले वैध रूप से गोद ली गयी संतान ही पारिवारिक पेंशन हेतु पात्र संतान है जिसके अनुसार मण्डलायुक्त द्वारा प्रकरण निक्षेपित किया गया।
पेंशन अदालत के द्वितीय प्रकरण जो श्री महेश चन्द्र गुप्ता से0नि0 अ0अभि0 को नियमित पेंशन स्वीकृत कराने एवं अधिक काटी गयी धनराशि की वसूली के सम्बन्ध में था। अधिशाषी अभियन्ता, नलकूप खण्ड-2, सीतापुर को मण्डलायुक्त द्वारा यह निर्देश दिये गये कि विभाग द्वारा जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार जो भी वसूली बनती हो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए प्राथमिकता के आधार पर अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को पेंशन स्वीकृत हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जाय।
पेंशन अदालत के तृतीय प्रकरण जो श्री आशुतोष सक्सेना विकलांग पुत्र स्व0 कृष्ण बहादुर सक्सेना द्वारा पारिवारिक पेंशन स्वीकृत हेतु प्रस्ताव अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, लखनऊ मण्डल, लखनऊ को प्रेषित किये जाने के सम्बन्ध में था। मण्डलायुक्त द्वारा समय से प्रस्ताव स्वीकर्ता अधिकारी को प्रेषित न किये जाने के सम्बन्ध में रोष व्यक्त करते हुए यह निर्देश दिये गये कि नियमानुसार विधिक संरक्षक प्रमाण पत्र की आवश्यकता न होते हुए भी अनावश्यक रूप विधिक संरक्षक प्रामण पत्र की मांग किये जाने हेतु विभाग के तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी श्री प्रमोद कुमार को विभाग की ओर से कारण बताओ नोटिस निर्गत किया जाये तथा आयुक्त, राज्य कर मुख्यालय, उ0प्र0 लखनऊ के कार्यालय से उपस्थिति प्रतिनिधि को निर्देशित किया कि प्राथमिकता के आधार पर श्री आशुतोष सक्सेना विकलांग पुत्र को पारिवारिक पेंशन स्वीकृत किये जाने का प्रस्ताव पेंशन स्वीकर्ता अधिकारी को प्रेषित किया जाय।
मण्डलायुक्त द्वारा अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन को निर्देशित किया गया कि मण्डल के अंतर्गत विकास, राजस्व, बेसिक शिक्षा सहित समस्त प्रमुख विभागों से सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारियों को पेंशन का लाभ प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं, इसका परीक्षण करते हुए विगत एक वित्तीय वर्ष से लंबित समस्त पेंशन प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की जाए। साथ ही पूर्व में निस्तारित पेंशन प्रकरणों में संबंधित लाभार्थियों को पेंशन का नियमित एवं निर्बाध भुगतान हो रहा है या नहीं, इसकी भी समुचित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर बैठक में अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन विवेक कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक कोषागार एवं पेंशन कुलदीप सरोज, उप निदेशक कोषागार एवं पेंशन गोपाल स्वरूप, सहायक लेखा अधिकारी आर0के0 सिंह सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।