Loading...

आवल खेड़ा गायत्री शक्तिपीठ परिसर में उमड़ा आस्था का जन सैलाब, 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दी महायज्ञ में आहुति

Gargachary Times 24 January 2026, 18:59 148 views
Agra
आवल खेड़ा गायत्री शक्तिपीठ परिसर में उमड़ा आस्था का जन सैलाब, 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दी महायज्ञ में आहुति
आगरा: आवल खेड़ा युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की पावन जन्मभूमि आवल खेड़ा में त्रिवेणी संगम का भव्य आयोजन किया गया। 21 से 23 जनवरी तक चले इस तीन दिवसीय महोत्सव में गायत्री शक्तिपीठ परिसर आवल खेड़ा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और भक्ति के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस विशेष अवसर पर 'अखंड ज्योति' दीप के शताब्दी वर्ष, गुरुदेव की जन्म जयंती शताब्दी वर्ष और वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के शताब्दी जन्म महोत्सव को बसंत पंचमी के पावन पर्व के साथ धूमधाम से मनाया गया।20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि आयोजन की सफलता का मुख्य श्रेय क्षेत्र की जनता और उत्साहित युवाओं को जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि परिसर में श्रद्धालुओं की संख्या का अनुमान भोजन व्यवस्था से लगाया गया, जहां 20,000 से अधिक लोगों के लिए भोजन तैयार किया गया था और वह लगभग समाप्त हो गया, जो भारी जनसमूह की उपस्थिति को दर्शाता है। 40000 से 50,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन महोत्सव के दौरान मां गायत्री और युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की जन्मस्थली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी देखी गईं। अनुमान के मुताबिक, लगभग 40000 से 50,000 लोगों ने पावन जन्मभूमि पर शीश नवाया। महायज्ञ में आहुति देने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह रहा, जिसके लिए उन्हें 4 से 5 घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। त्रिवेणी संगम और महायज्ञ का भव्य स्वरूप यज्ञ का समय: महायज्ञ सुबह 7:00 बजे प्रारंभ हुआ और दोपहर 3:00 बजे तक पूर्णाहूति के साथ संपन्न हुआ।संस्कारों का आयोजन: यज्ञ के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक संस्कार भी निरंतर चलते रहे।वातावरण: पूरे आवल खेड़ा क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल रहा, जिससे यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि एक सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन गया।शांतिकुंज हरिद्वार की ओर से नियुक्त व्यवस्थापक जितेंद्र द्विवेदी ने कहा कि इतने छोटे परिसर में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न होना एक दैवीय शक्ति का ही परिणाम है।
Follow Samachar24