Loading...

एम.डी. जैन इंटर कॉलेज तथा आई.टी.आई. बल्केश्वर, जन सेवा केंद्रों पर जन जागरूकता कार्यक्रम किए गए आयोजित

Gargachary Times 10 February 2026, 17:20 77 views
Agra
एम.डी. जैन इंटर कॉलेज तथा आई.टी.आई. बल्केश्वर, जन सेवा केंद्रों पर जन जागरूकता कार्यक्रम किए गए आयोजित
इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और डिजिटल इंडिया के तत्वावधान में जिला प्रशासन एवं राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC), जनपद आगरा द्वारा प्रति वर्ष फरवरी के दूसरे मंगलवार को मनाया जाने वाला सुरक्षित इंटरनेट दिवस, इस वर्ष"स्मार्ट टेक,सेफ चॉइसेज - एक्सप्लोरिंग द सेफ एंड रिस्पांसिबल यूज़ ऑफ एआई" की थीम पर एम.डी. जैन इंटर कॉलेज तथा आई.टी.आई. बल्केश्वर, आगरा में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन मनाया गया। यह कार्यक्रम आई.टी.आई. के प्रधानाचार्य एवं जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) एवं जन सेवा केंद्रों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट तकनीक,सुरक्षित विकल्प, एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग , सकारात्मक इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित प्रयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, मजबूत पासवर्ड, तथा साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव तथा व्यक्तिगत डाटा की गोपनीयता से संबंधित जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश पर विश्वास न करें तथा साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग का संकल्प लिया। इस वर्ष की थीम "स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प-एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग की खोज" थी।एनआईसी के जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि एआई द्वारा बनाए गए डीपफेक वीडियो और क्लोन की गई आवाजें बिल्कुल असली लग सकती हैं। प्रतिक्रिया से पहले विश्वसनीय स्रोतों से इनकी पुष्टि करना अनिवार्य है। सेफर इंटरनेट डे मनाने का उद्देश्य विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए इंटरनेट का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना है। विश्व के 150 से अधिक देशों में मनाए जाने वाले इस दिवस पर साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, और डिजिटल नागरिकता पर जोर दिया जाता है। आभाषी ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षा,डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और साइबर बुलिंग, फेक न्यूज जैसी चुनौतियों से निपटना भी है। यह बच्चों को गेमिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सुरक्षित रहने के लिए सशक्त बनाने पर केंद्रित है, जिसमें माता-पिता और शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। आज बच्चे इंटरनेट पर ऑनलाइन पढ़ाई और सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं,इस दौर में आपत्तिजनक कंटेंट का खतरा हर जगह है। ऐसे में सेफर इंटरनेट डे के मौके पर जन जागरूकता हेतु हर साल फरवरी के दूसरे सप्ताह के मंगलवार को सुरक्षित इंटरनेट दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2004 में यूरोपीय संघ के 'सेफ-बॉर्डर्स' प्रोजेक्ट के तहत की गई थी, इसका मकसद इंटरनेट को सभी के लिए खासकर बच्चों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित जगह बनाना है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने बताया कि बच्चों और युवाओं को साइबर बुलिंग, डेटा के गलत इस्तेमाल और अश्लील सामग्री जैसे ऑनलाइन खतरों के प्रति सचेत करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि इंटरनेट को एक जिम्मेदार और सुरक्षित स्थान बनाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है
Follow Samachar24