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शिष्यों की सफलता ही गुरुजनों का वास्तविक गौरव: सत्यमित्रानंद महाराज

Gargachary Times 10 February 2026, 20:06 55 views
Dharam
वृंदावन स्थित रामकली देवी सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, केशव धाम में कक्षा 12वीं के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना हेतु आशीर्वचन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर श्रद्धा, संस्कार और भावनात्मक वातावरण से परिपूर्ण दिखाई दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे सत्यमित्रानंद महाराज ने माँ सरस्वती के चित्रपट पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके पश्चात छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “विद्या भारती के विद्यालयों में छात्रों को विदाई नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें उनके आगामी जीवन के लिए आशीर्वचन और शुभकामनाएँ दी जाती हैं।” उन्होंने कहा कि गुरुजन सदैव यह कामना करते हैं कि उनके शिष्य जीवन में सफलता प्राप्त करें और शिष्यों की सफलता ही गुरुजनों का वास्तविक गौरव होती है। श्री महाराज ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कितनी भी बड़ी सफलता क्यों न प्राप्त हो, अपने विद्यालय, माता-पिता और गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता का भाव सदैव बनाए रखना चाहिए, साथ ही राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी जागृत रहनी चाहिए । कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12वीं के छात्र ऋषिकेश एवं विशाल ने विद्यालय में बिताए अपने यादगार पलों को साझा किया और सभी आचार्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक शब्दों में अपने अनुभव प्रस्तुत किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान गणेश दत्त शर्मा जी ने छात्रों को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल शिक्षण संस्था नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है और छात्रों को आगे भी विद्यालय से जुड़े रहना चाहिए। इस अवसर पर श्री योगेश जादौन ने कहा कि विद्यालय में सीखे गए अनुशासन और संस्कारों का पालन छात्रों को जीवन भर करना चाहिए, तभी उनका भविष्य उज्ज्वल बन सकेगा। वहीं राजू सिंह ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का संचालन राम मोहन शुक्ल द्वारा किया गया। समारोह में विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य धीरज बंसल, शैलेंद्र शर्मा, अर्चना तिवारी, रवि सिसोदिया, ललित कुमार, मनोज सारस्वत, ब्रह्म सिंह, श्रीकांत शर्मा, रिंकू सिंह, देवेंद्र सिंह सहित अन्य आचार्य एवं आचार्याएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन आशीर्वचनों, शुभकामनाओं और भावपूर्ण वातावरण के साथ हुआ, जिसने छात्रों के मन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।
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