जी.एल. बजाज के विद्यार्थियों को दिखाई जीवन में सफलता की राह
Gargachary Times
12 February 2026, 19:54
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मथुरा। आज के समय में प्रतिस्पर्धा एक अपरिहार्य वास्तविकता बन चुकी है। वैश्वीकरण और तकनीकी प्रगति ने इसे अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया है। प्रतिस्पर्धा, मूल रूप से बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा है। प्रतिस्पर्धा से परेशान होने की बजाय अपने तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल में इजाफा कर सकारात्मक दृष्टिकोण से हम अपने सपनों को पंख लगा सकते हैं। यह सीख मुख्य वक्ता जूबिलेंट एग्री एंड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के हेड टेक्नोलॉजी डॉ. प्रशांत एस. सामंत ने जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा के छात्र-छात्राओं को दी।
जी.एल. बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल द्वारा एआईसीटीई डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेशनल स्कीम के अंतर्गत पेशेवर दुनिया के रास्ते श्रृंखला के तहत कैम्पस टू कॉरपोरेट विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। अतिथि वक्ता डॉ. प्रशांत एस. सामंत ने कहा कि प्रतिस्पर्धा बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है। यह आपको अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा नए कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित करती है। प्रतिस्पर्धा नवाचार को बढ़ावा देती है। हम नए विचारों और तकनीकों का उपयोग कर अपने करियर को नई दिशा दे सकते हैं।
अतिथि वक्ता डॉ. प्रशांत एस. सामंत ने छात्र-छात्राओं को अकादमिक जीवन से कॉरपोरेट जगत तक की यात्रा, आवश्यक कौशल, प्रोफेशनल एथिक्स, प्रभावी संचार क्षमता एवं उद्योग की अपेक्षाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल, टीम वर्क तथा सकारात्मक दृष्टिकोण बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग जगत अपनी युवा पीढ़ी से जो अपेक्षाएं रखता है, उन पर दक्ष होना जरूरी है।
विभागाध्यक्ष प्रो. वी.के. सिंह ने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों की जानकारी साझा की। प्रो. सिंह ने आह्वान किया कि छात्र-छात्राएं ऐसे व्याख्यानों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने करियर को नई दिशा दें। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. वजीर सिंह ने अतिथि वक्ता तथा संकाय सदस्यों का आभार मानते हुए कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं व्यावहारिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि विद्यार्थियों को “कैम्पस टू कॉरपोरेट” की यात्रा में प्रभावी मार्गदर्शन मिल सके। कार्यक्रम का संचालन तृतीय वर्ष की छात्रा शिप्रा सिंह और द्वितीय वर्ष के छात्र मयंक महावर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।