सीसीटीवी में वारदात, फिर भी मुकदमा दर्ज नहीं, पीड़ित न्याय के लिए पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर
Gargachary Times
13 February 2026, 19:41
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Mathura
मथुरा गेट पुलिस चौकी क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। राधानिवास क्षेत्र निवासी नारायण दास के साथ 23 जनवरी को हुई चोरी की वारदात में हैरानी की बात यह है कि बैंक के सीसीटीवी कैमरों में अपराध साफ-साफ कैद होने के बावजूद अब तक अभियोग दर्ज नहीं किया गया है।
पीड़ित नारायण दास के अनुसार वह 23 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे डाकघर से अपने खाते से 30 हजार रुपये निकालकर रामकिशन मिशन हॉस्पिटल के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक पहुंचा। दोपहर करीब 12 बजे उसने ई-रिक्शा खरीदने के लिए बैंक से 40 हजार रुपये और निकाले। दोनों स्थानों से निकाली गई कुल 70 हजार रुपये की रकम उसने कपड़े के एक बैग में रख ली थी।
बताया गया है कि बैंक के अंदर ही किसी अज्ञात व्यक्ति ने बैग में ब्लेड मारकर रुपये निकाल लिए। जब नारायण ने पासबुक में एंट्री कराने के बाद बैग चेक किया तो उसमें एक भी रुपया नहीं था। स्पष्ट है कि चोरी की वारदात बैंक परिसर के भीतर ही अंजाम दी गई।
घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई, जिस पर दुपहिया पीआरवी बैंक पहुंची। कुछ देर बाद मथुरा गेट पुलिस चौकी प्रभारी अरुण कुमार त्यागी भी मौके पर आए। पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिनमें दो लड़कियां बैग में ब्लेड मारकर रुपये निकालते हुए साफ दिखाई दे रही हैं।
इसके बावजूद सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित नारायण दास अब तक मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस चौकी के चक्कर काट रहा है। न तो FIR दर्ज की गई है और न ही आरोपियों की कोई गिरफ्तारी हुई,सवाल यह उठता है कि जब अपराध के सबूत पुलिस के सामने मौजूद हैं, सीसीटीवी फुटेज में आरोपी दिख रहे हैं, तब भी पीड़ित को न्याय क्यों नहीं मिल रहा?
क्या पुलिस ऐसे मामलों में केवल औपचारिकता निभाकर फाइलें ठंडे बस्ते में डाल देती है? इस पूरे मामले ने मथुरा गेट पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि पुलिस की निष्क्रियता अपराधियों के हौसले बुलंद करती नजर आ रही है। अब देखना यह है कि उच्च अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेते हैं या पीड़ित यूं ही चक्कर काटने को मजबूर रहता है।