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टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने भरी हुंकार, प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा

Gargachary Times 26 February 2026, 21:00 9 views
Firozabad
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने भरी हुंकार, प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा
फिरोजाबाद टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में हजारों ​शिक्षकों ने हुंकार भरी। शिक्षक संघों ने एकजुटता दिखाकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से छूट देने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। धरने के उपरांत सैंकड़ों की संख्या में शिक्षक पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय डबरई पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबो​धित ज्ञापन सौंपा। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय सचिव कल्पना राजौरिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 दिनांक 27 जुलाई 2011 से लागू हुआ। अधिनियम के अनुसार इसके प्रभावी होने की तिथि से या उसके बाद नियुक्त होने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है, जबकि पहले नियुक्त शिक्षकों को इससे छूट मिली थी। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शौर्यदेव यादव ने बताया कि शिक्षक लंबे समय से बच्चों की शिक्षा में लगे हैं और अचानक से टीईटी अनिवार्यता उनके करियर और पदोन्नति पर प्रतिकूल असर डाल रही है। जूनियर शिक्षक संघ के महामंत्री आनंद श्रोतिय ने कहा कि यह निर्णय शिक्षक समुदाय में असंतोष पैदा कर रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष अबोध चतुर्वेदी और कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश कुशवाह ने भी इस निर्णय के विरोध में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शासन से इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। धरने में उपस्थित सभी शिक्षकों ने आग्रह किया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का ध्यान रखते हुए अध्यादेश लाकर पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट प्रदान की जाए, जिससे उनकी सेवा और पदोन्नति पर कोई असर न पड़े।ललित शर्मा , रंजीत यादव, धीरेन्द्र यादव, इंद्रपाल, अनिल पांडेय, आलोक चौहान, मंजू , विधि मित्तल, रक्षा कुलश्रेष्ठ ,मोहित चतुर्वेदी , भावना जैन , अमिता यादव , प्रीति , आदेश यादव आदि शामिल रहे।
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