पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास
Gargachary Times
14 March 2026, 19:24
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Mainpuri
मैनपुरी: जयवीर सिंह ने रू. 279.52 लाख की लागत से नराईच धाम के पर्यटन विकास, रू. 202.62 लाख की लागत से कुसमरा रामलीला मैदान की बाउण्ड्रीवॉल, गेट आदि के निर्माण कार्य, रू. 52.62 लाख की लागत से तहसील किशनी में सारस पक्षियों के विचरण स्थल हेतु साईनेजों की स्थापना के पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण एवं रू. 122.34 लाख की लागत से प्राचीन भगवान श्री नरसिंह धाम मंछना के पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास करते हुए कहा कि आज लगभग रू. 06 करोड़ 57 लाख की लागत से तैयार की गई परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया, इन विकास कार्यों से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी। उन्होने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति मिले। उन्होने कहा कि भारत की प्राचीन परंपराएं और ऋषि-मुनियों का ज्ञान सदियों से विश्व को मार्गदर्शन देता रहा है, हमारे वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथ मानव जीवन के उच्च आदर्शों का मार्गदर्शन करते हैं, प्राचीन काल में भारत ज्ञान, विज्ञान और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश रहा है, इसी कारण भारत को विश्व गुरु की संज्ञा दी जाती थी, हमारे ऋषि-मुनियों ने योग, आयुर्वेद, दर्शन और विज्ञान के अनेक आयामों को विकसित कर पूरी दुनिया को दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि इतिहास के विभिन्न कालखंडों में विदेशी आक्रांताओं ने भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक संरचना को कमजोर करने का प्रयास किया, हमारे रीति-रिवाजों, भाषा, आचार-विचार और पारिवारिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशें की गईं लेकिन इसके बावजूद भारत की सनातन संस्कृति और परंपरा आज भी सशक्त रूप से जीवित है, सनातन संस्कृति ने हर परिस्थिति में स्वयं को पुनः स्थापित किया है और आज भी यह भारतीय समाज की मूल पहचान बनी हुई है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता है कि हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था केंद्रों और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करें और उन्हें नई पीढ़ी से जोड़ें, इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य कर रही है, इससे जहां एक ओर लोगों की आस्था और भावनाओं का सम्मान होता है, वहीं दूसरी ओर पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होने कहा कि किसी भी देश, प्रदेश, समाज का वास्तविक विकास व्यक्ति के विकास से प्रारंभ होता है, जब व्यक्ति शिक्षित, सक्षम और संपन्न होगा तो परिवार मजबूत बनेगा, परिवार से समाज मजबूत होगा, समाज से जिले का विकास होगा, जिले से प्रदेश और अंततः पूरे देश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा, इसी विचार को केंद्र में रखते हुए सरकार “सबका साथ-सबका विकास” के मूल मंत्र के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है, सरकार का प्रयास है कि समाज के किसी भी वर्ग, जाति या समुदाय के व्यक्ति के साथ किसी प्रकार का भेद-भाव न हो और सभी को समान अवसर प्राप्त हों।
संस्कृति मंत्री ने कहा कि देश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ उ.प्र. निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है, आज उ.प्र. तेज़ी से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, कुछ वर्षों पूर्व उ.प्र. की पहचान पिछड़े जनपद के रूप में होती थी, लेकिन आज वही उ.प्र. आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है, सरकार की नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और सुशासन के कारण प्रदेश में निवेश का वातावरण लगातार मजबूत हुआ है, इसके परिणामस्वरूप उद्योगों की स्थापना, रोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा आधारभूत ढांचे के विकास को नई गति मिली है, प्रदेश में विकास की नई धारा उ.प्र. को देश में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होने कहा कि प्रदेश की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को संरक्षित करते हुए प्रदेश को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए सरकार और समाज के सभी वर्गों के सहयोग, सहभागिता की आवश्यकता है, प्रदेश को परम वैभव और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, इसी दिशा में उ.प्र. ने भी महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकास के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होने कहा कि उ.प्र. देश का पहला ऐसा राज्य बना, जहां विधानसभा और विधान परिषद में लगभग 37 घंटे तक लगातार चर्चा कर प्रदेश को विकसित उ.प्र. बनाने के संकल्प पर विचार-विमर्श किया गया और इसके लिए प्रस्ताव पारित किये गये, यह प्रदेश की विकास यात्रा का ऐतिहासिक कदम है, जिसमें जन-प्रतिनिधियों ने प्रदेश को आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर अनेक चुनौतियां और अस्थिर परिस्थितियां देखने को मिल रही हैं, इसके बावजूद भारत ने अपनी मजबूत नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण इन परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना किया है, पेट्रोलियम उत्पादों और ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र में भी भारत ने अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखा है, देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है और सरकार इन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है यदि कोई व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी के माध्यम से जनता को परेशान करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
इस दौरान पैक्सफेड के चेयरमैन प्रेमसिंह शाक्य, अनुजेश प्रताप सिंह, विजेन्द्र कुमार चौहान उर्फ भल्लू, उदय चौहान, राजा बाबू चेयरमैन, जीतू सिसोदिया, रमा शंकर तिवारी, प्रदीप तिवारी, शेखर चौहान, विनोद चतुर्वेदी, विकास चौहान, आलोक अग्निहोत्री, सुखदेव तोमर सहित अन्य जन-प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।