लिपिकों की कार्यशैली से ठप पड़े काम, अधिवक्ताओं ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में उठाई आवाज
Gargachary Times
23 March 2026, 19:44
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Jalaun
जालौन जिले की कोंच तहसील में न्यायिक कार्य व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपते हुए न्यायालय तहसीलदार में कार्यरत दो लिपिकों पर लापरवाही और कार्य में अनियमितता के आरोप लगाए।
अधिवक्ताओं के अनुसार, दोनों लिपिक मृतक आश्रित के रूप में नियुक्त किए गए हैं और जुलाई माह से पद पर तैनात हैं, लेकिन वे नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि वे अक्सर बिना सूचना के अवकाश पर रहते हैं और न तो कार्य सीखने में रुचि दिखाते हैं, न ही अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करते हैं। इसका सीधा असर न्यायालय की कार्यप्रणाली पर पड़ रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि दाखिल-खारिज जैसे महत्वपूर्ण मामलों को बिना ठोस कारण के निरस्त किया जा रहा है, जबकि नामांतरण से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है। पत्रावलियों का सही रख-रखाव न होने के कारण आवश्यक दस्तावेजों को खोजने में भी कठिनाई हो रही है, जिससे वादकारियों और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि न्यायालय कई बार बंद रहता है, जिससे पूरा कामकाज प्रभावित हो रहा है और न्यायिक प्रक्रिया बाधित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी जिलाधिकारी को अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि न्यायालय तहसीलदार कोंच में जल्द से जल्द प्रशिक्षित और योग्य लिपिकों की नियुक्ति की जाए, ताकि न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।
वहीं, अपर जिलाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और अप्रैल माह में संबंधित कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी। इस दौरान एडवोकेट रामशरण कुशवाहा, दीनानाथ निरंजन, प्रमोद कुमार, हरि सिंह निरंजन और मनोज कुमार सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।