वैश्विक अनिश्चितता के दौर में यूपी बना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश गंतव्य: सीएम योगी
Gargachary Times
24 March 2026, 20:49
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Lucknow
लखनऊ: दुनिया के कई हिस्सों में जारी अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और अव्यवस्था के बीच भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश आज निवेश व व्यापार के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण के रूप में उभरकर सामने आया है। इसी विश्वास को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘निवेश मित्र 3.0’ सिंगल विंडो सिस्टम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है। आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों के लिए सुरक्षित गंतव्य बना है, बल्कि यहां उन्हें स्केलेबल बिजनेस के लिए अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और सीमलेस कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो रही हैं। यही कारण है कि जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
₹50,000 करोड़ निवेश, 50 हजार रोजगार की संभावना
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के दौरान आयोजित कार्यक्रम में 45 कंपनियों को इंसेंटिव वितरण और 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) प्रदान किए जाने को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग ₹50,000 करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार एमओयू के बाद तेजी से ग्राउंडब्रेकिंग, निवेश से जुड़े छोटे-छोटे मुद्दों के त्वरित समाधान और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यमियों का विश्वास ही विकास की असली ताकत है और उस पर खरा उतरते हुए उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और औद्योगिक प्रगति का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा।
निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश में मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स उपलब्ध है, यहां बड़ी संख्या में कुशल और युवा मानव संसाधन मौजूद है। भारत का ही नहीं, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास है। साथ ही यहां विशाल एवं मजबूत कंज्यूमर बेस भी उपलब्ध है, जो निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में खुलकर निवेश करें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं, क्योंकि यहां स्केलेबल बिजनेस के लिए आवश्यक सभी संभावनाएं और संसाधन उपलब्ध हैं।
निवेश मित्र 3.0 से आसान होगा उद्योग लगाना
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत लैंड यूज की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड यूज स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। साथ ही ‘निवेश मित्र 3.0’ को लॉन्च कर 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को सरल बनाकर 200 से कम सेवाओं में समेकित किया गया है। इसमें पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक सीएएफ, एआई चैटबॉट, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड अलर्ट और एंड-टू-एंड ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं। यह प्लेटफॉर्म एनएसडब्ल्यूएस, आईजीआरएस और जीआईएस लैंड बैंक से एकीकृत होकर निवेशकों को एक सीमलेस, ट्रांसपेरेंट और प्रिडिक्टेबल डिजिटल इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिससे निवेश प्रक्रिया पूरी तरह आसान और हस्तक्षेप-मुक्त बन सके।
निजी बिजनेस पार्क नीति और स्किल कनेक्ट से बढ़ेगा निवेश व रोजगार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इसी क्रम में कैबिनेट द्वारा निजी बिजनेस पार्क नीति को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब कोई भी निवेशक बिजनेस पार्क विकसित कर प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर उद्योगों को आगे बढ़ा सकेगा। इस मॉडल में सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निवेशक अपना निवेश करेंगे और रेवेन्यू शेयर व्यवस्था के तहत पारदर्शी तरीके से लाभ का बंटवारा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे निवेशकों को सुगम और सुरक्षित माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक बड़े हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से पीएमयू कौशल कनेक्ट सेल का गठन किया गया है, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। वहीं, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाएगा। इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ बढ़ावा देना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में और सशक्त बन सके।
2012-17 के बीच मात्र 16 एलओसी, 9 वर्षों में 3367 जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में हुए इंसेंटिव वितरण कार्यक्रम से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के आधार पर कुल 2781 करोड़ 12 लाख रुपये की सब्सिडी वितरित की गई। इसके तहत आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की 4 परियोजनाओं को 73 करोड़ और फूड प्रोसेसिंग की 10 परियोजनाओं को 20 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने बताया कि जहां 2012 से 2017 के बीच मात्र 16 एलओसी जारी हुए थे, वहीं पिछले 9 वर्षों में 3367 एलओसी जारी किए गए हैं, जो निवेश माहौल में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक उद्योग केवल निवेश नहीं लाता, बल्कि रोजगार और कनेक्टिविटी भी बढ़ाता है। उद्यमियों को सम्मान और सुरक्षा देना जरूरी है, क्योंकि वे अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
उद्योगों के संचालन में बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उद्योगों के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं ट्रेड यूनियन या अन्य किसी नाम पर उद्योगों को बाधित करने की कोशिश की जाती है, तो वह स्वयं तत्काल संज्ञान लेते हैं और जरूरत पड़ने पर रात में ही संबंधित डीएम और एसपी को निर्देश देकर ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराते हैं, ताकि निवेश और उद्योगों का माहौल प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर की ‘लाल इमली’ मिल जैसे उदाहरण बताते हैं कि कैसे पहले ट्रेड यूनियनों के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण एक समय का प्रमुख टेक्सटाइल हब बंद होकर खंडहर में बदल गया और हजारों परिवार प्रभावित हुए। पिछली सरकारों ने उद्योगों की संभावनाओं को नकारा, लेकिन वर्तमान सरकार ने अनुकूल माहौल देकर निवेश को बढ़ावा दिया, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार मिल रहा है।
अपराधी ने दुस्साहस किया तो समझो यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट कटाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक निवेश का प्रमुख गंतव्य बनाने के लिए पिछले 9 वर्षों में व्यापक प्रयास किए गए हैं। उन्होंने 2017 की स्थिति को याद करते हुए कहा कि जब निवेश के लिए उद्यमियों को यूपी आने का आमंत्रण दिया जाता था, तो वे इस पर हंसते थे और कई लोग तो पहले से ही यहां न आने का संकल्प लेने की बात करते थे। उस समय प्रदेश की छवि इतनी खराब थी कि निवेश की बात करना भी असहज लगता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारण थे। पहला, पहचान का संकट और दूसरा, माफिया व आपराधिक गिरोहों का प्रभाव, जो हर जिले और थाने में समानांतर सत्ता चलाकर उद्यमियों, व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। तब हमने इस माफिया की कमर तोड़ने, इसे पूरी तरह कुचलने का निर्णय किया। हमने तय किया कि हम उत्तर प्रदेश के अंदर अपराध और अपराधी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हम कार्य करेंगे। जीरो टॉलरेंस की वह नीति पहले दिन से आज तक अनवरत बनी हुई है। अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो, किसी भी प्रकार का कोई सरपरस्त क्यों न हो, अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो ये मानकर चलिए कि वह अपने उस दुस्साहस के लिए यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट काट रहा है।
उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनाने का जो सपना देखा गया था, वह आज साकार हो रहा है। डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल से निवेशकों का विश्वास फिर से स्थापित किया, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों में क्षति पहुंची थी। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ‘टीम यूपी’ के निरंतर प्रयासों से आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। नवरात्रि के अवसर पर विभिन्न नीतियों के तहत इंसेंटिव सीधे खातों में देकर रुकी परियोजनाओं को गति दी जा रही है, खासकर फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में, जहां 11% कृषि योग्य भूमि के बावजूद 21% खाद्यान्न उत्पादन के साथ अब वैल्यू एडिशन और रोजगार पर फोकस है। “जीरो टॉलरेंस” और “जीरो करप्शन” नीति के प्रभाव से निवेश का माहौल पूरी तरह बदला है और अब निवेशक स्वयं यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 75,000 एकड़ लैंड बैंक, बेहतर सीमलेस कनेक्टिविटी, देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55% हिस्सेदारी (जल्द 60%), 12 घरेलू व 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और जेवर में शुरू होने जा रहे देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से निवेश को नई दिशा मिल रही है। 28 मार्च को पीएम मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का कार्गो व लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब बनने वाला, यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) की सुविधा भी देश में पहली बार देखने को मिलेगी।
साथ ही वाराणसी से जुड़े इनलैंड वाटरवे, सात शहरों में मेट्रो सेवा और मजबूत सड़क नेटवर्क के कारण अब निवेश एनसीआर तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी सहित पूरे प्रदेश में तेजी से फैल रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, प्रदेश के अवस्थापना औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान बाबूलाल मीणा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार उपस्थित रहे।