वृंदावन में यमुना को निखारने की तैयारी, केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक होगा ट्रायल
Gargachary Times
30 March 2026, 21:04
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Mathura
मथुरा जनपद में वृंदावन में यमुना नदी को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। देवरहा बाबा घाट से केसी घाट तक यमुना के दोनों किनारो पर जियोलॉजिकल मैपिंग होगी। इसके आधार पर यमुना जल को प्रदूषण मुक्त करने सहित जल मार्ग विकसित करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा सकेगा।
सोमवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्र की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में ग्लोबल विकास ट्रस्ट के संस्थापक मयंक गांधी ने जल की गुणवत्ता सुधारने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक आंकड़े एकत्रित करने की योजना प्रस्तुत की। इसमें यमुना की वर्तमान स्थिति, सिल्ट, जल प्रवाह और प्रदूषण नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कान्त मिश्र ने प्रथम चरण में केसी घाट से देवरहा बाबा घाट तक ट्रायल प्रोजेक्ट के रूप में वैज्ञानिक अध्ययन का कार्य शुरू करने को कहा। तय किया गया कि चयनित क्षेत्र में पहले वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा, जिसके आधार पर कार्ययोजना लागू की जाएगी। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सिचाई सहित संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग और समन्वय के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष/ उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी एन, रविंद्र चामड़िया, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के एसीईओ मदन चंद दुबे, पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र,
उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य अभियंता जलकल तथा सिंचाई विभाग के अभियंता उपस्थित रहे।
राल गौशाला में विकसित होगा जैविक मॉडल, किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
मथुरा। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद सभागार में बैठक के दौरान गोवंश आधारित जैविक मॉडल पर भी चर्चा हुई। गोमूत्र और गोबर को वैज्ञानिक तरीके से कृषि, वानिकी और ऑर्गेनिक खेती में अधिक उपयोगी बनाने की योजना पर सहमति बनी। इसके लिए राल स्थित देवरहा बाबा गौशाला में एक मॉडल विकसित किया जाएगा। यह कार्य भी ग्लोवल विकास ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। इस मॉडल को बाद में जिले की अन्य गौशालाओं में भी लागू किया जाएगा। साथ ही, 50 किसानों को प्रशिक्षण के लिए मई माह में अहमदाबाद स्थित ट्रस्ट मुख्यालय भेजा जाएगा।