मलूक जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब; मोहन भागवत, योगी आदित्यनाथ और बाबा रामदेव ने की शिरकत
Gargachary Times
7 April 2026, 20:47
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Dharam
पुनीत शुक्ला, वृंदावन | श्रीधाम वृंदावन के सुप्रसिद्ध मलूक पीठ में मंगलवार को जगद्गुरु स्वामी मलूक दास जी महाराज का 452वां जयंती महोत्सव अभूतपूर्व भव्यता के साथ मनाया गया। दो मुख्य सत्रों में आयोजित इस महोत्सव में देश की प्रमुख राजनीतिक और आध्यात्मिक विभूतियों ने शिरकत की। जहाँ प्रथम सत्र में आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और योग ऋषि स्वामी रामदेव ने शिरकत की, वहीं द्वितीय सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों का आशीर्वाद लिया।
प्रथम सत्र: समाज के जाग्रत होने से रुकेगी गो-हत्या: डॉ. भागवत
प्रातः काल सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने मलूक दास जी की समाधि के दर्शन कर अखंड धूने की विभूति मस्तक पर धारण की। मलूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
स्वामी राजेंद्र दास जी ने सरसंघचालक से भावुक अपील करते हुए कहा कि भारत को 'गोवध के कलंक' से मुक्त किया जाए और देश की शिक्षा, चिकित्सा व कृषि को गो-आधारित बनाया जाए। इस पर डॉ. भागवत ने कहा, "सत्य और करुणा ही धर्म के आधार हैं। जब समाज स्वयं गो-भक्त बन जाएगा, तो गो-हत्या स्वतः रुक जाएगी। वर्तमान सत्ता के मन में भी यह भाव है, लेकिन इसके लिए व्यापक जन-जाग्रति अनिवार्य है।" उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष का उल्लेख करते हुए समाज में समरसता और 'स्व' के बोध के लिए 'पंच परिवर्तन' का आह्वान किया।
द्वितीय सत्र: संत और समाज एक मंच पर आएं तो मिट जाते हैं कलंक: योगी
दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मलूक पीठ पहुँचे। उन्होंने संतों का सम्मान करते हुए कहा कि मलूक दास जी ने चार मुगल बादशाहों का क्रूर शासन देखा, लेकिन वे अपने सांस्कृतिक मूल्यों से विचलित नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कहा, "विकास तभी सार्थक है जब विरासत सुरक्षित रहे। आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संतों के आशीर्वाद और डबल इंजन सरकार की गति का परिणाम है।"
योगी आदित्यनाथ ने एकजुटता का मंत्र देते हुए कहा कि जब संत और समाज एक मंच पर आते हैं, तो अयोध्या जैसा 500 वर्षों का कलंक भी मिट जाता है। उन्होंने ब्रज के सर्वांगीण विकास के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद की प्रतिबद्धता दोहराई।
विशिष्ट अतिथि स्वामी रामदेव ने कहा कि मुगल काल में मलूक दास जी ने अपनी योग शक्ति और भक्ति से सनातन धर्म की रक्षा की। उन्होंने राष्ट्र सेवा के लिए संघ के 100 वर्षों के तप की भी सराहना की।
इस गरिमामय अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, जगद्गुरु बलराम देवाचार्य जी, केशव देव जी महाराज (गोरेलाल कुंज), राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवारी, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण सहित देशभर से आए महामंडलेश्वर और संत समाज उपस्थित रहा।