मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री किसी दशा में न हो, अभियान चलाकर हथठेले वालों को सुरक्षित खाद्य सामिग्री के बारे में किया जाये जागरूक
Gargachary Times
10 April 2026, 21:49
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Mainpuri
मैनपुरी: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक बैठक में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेशित करते हुए कहा कि मिलावटी, आद्योमानक खाद्य सामग्री की बिक्री किसी भी दशा में न हो, मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए निरंतर प्रवर्तन की कार्यवाही की जाये, खुले पेय पदार्थों की बिक्री न हो, दुकानदारों, हथठेले वालों की गहनता से जॉच हो, नियमित रूप से सेम्पिल लिये जायें, जो भी सेम्पल जॉच हेतु भेजे जायें, उनकी रिपोर्ट समय से मंगाने की व्यवस्था हो, खाद्य सुरक्षा सम्बन्धी जो भी वाद विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं उन्हें प्राथमिकता पर निबटाया जाये, खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों, अद्योमानक खाद्य सामग्री की बिक्री में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाये, खाद्य निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में निरतंर प्रवर्तन की कार्यवाही करे। उन्होने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा कि लोगों को अपमिश्रित खाद्यान्न सामग्री न मिले, बाजार में गुणवत्तायुक्त सामग्री की बिक्री हो इसके लिए निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जाए।
उन्होने खाद्य एवं औषधियों में अपमिश्रण रोकने के लिए की गयी कार्यवाही की जानकारी करने पर पाया कि खाद्य अनुभाग द्वारा 01 अपै्रल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 1712 खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण किये गये, 385 विधिक नमूने संग्रहित किये गये, 396 सर्विलांस नमूने संग्रहित किये गये, 174 वाद न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में दायर किये गये, दायर वादों के सापेक्ष 183 वाद निस्तारित कर रू. 42 लाख 37 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया गया इसके अतिरिक्त 57 वाद न्यायिक न्यायालय में दायर किये गये, जिसमें से 02 वादों का निस्तारण कर रू. 02 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया गया, इसके अतिरक्त खाद्य विभाग द्वारा 384 छापे की कार्यवाही कर 385 नमूने संग्रहित किये गये, लिये गये नमूनों में से 140 अद्योमानक एवं 59 असुरक्षित पाये गये हैं।
सहायक आयुक्त ने बताया कि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम नूतन चौहान ने गत् दिवस 08 अप्रैल को राजधानी स्वीट्स को असुरक्षित चिली पोटेटो के विक्रय करने के मामले में दोषसिद्ध होने पर 06 माह की सजा व रू. 70 हजार का जुर्माना तथा असुरक्षित चिली पेस्ट के विक्रय करने के आरोप में 06 माह की सजा व रू. 03 लाख 50 हजार के जुर्मानें से दण्डित किया है। उन्होने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा 23 जून 2021 को राजधानी स्वीट्स से चिली पोटेटो तथा चिली पेस्ट का नमूना संग्रहित किया गया था, उक्त नमूनों को खाद्य विश्लेषक द्वारा जाँच में मानव उपभोग हेतु खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26 (2) (1) के अन्तर्गत मानव उपभोग हेतु असुरक्षित पाया गया है जो कि उक्त अधिनियम की धारा 59 व 51 के अन्तर्गत दण्डनीय है। उक्त मामले में अभियोजन विभाग व खाद्य सुरक्षा विभाग की पैरवी के कारण न्यायालय द्वारा खाद्य कारोबारकर्ता को उपरोक्तानुसार सजा, जुर्माने से दण्डित किया गया है।
जिलाधिकारी ने औषधि संवर्ग की समीक्षा करने पर ड्रग निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल स्टोर की नियमित जांच की जा रही है, अब तक 93 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानांे के निरीक्षण किये गये, जिसमें 32 दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित एवं 10 के लाइसेंस निरस्त किए गए। उन्होने बताया कि जनपद में 479 थोक औषधि लाइसेंस धारक एवं 1457 फुटकर औषधि लाइसेंस धारक हैं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में विक्रय प्रतिष्ठानों, मेडिकल स्टोर से 125 एवं सरकारी चिकित्सालयों से 24 नमूने संग्रहित किये गये। बैठक में मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में मेडिकल स्टोर संचालकों द्वारा शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है, ग्रामीण क्षेत्र के संचालकों से लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन कराया जाये।
बैठक में अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनन्द, क्षेत्राधिकारी नगर संतोष कुमार, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. श्वेता सैनी, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी अवधेश सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य डी.आर. चौहान, ड्रग निरीक्षक दीपक कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, केमिस्ट एसोसिएशन से अरूण तोमर, विनय गांधी, संजय जैन गोल्डी, राजीव भट्नागर आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. ए.के. पाठक ने किया