गायत्री के महामंत्र में 24 अक्षर , इन्ही में 24 अवतारों का समावेश होता है - कथावाचक भगवानदास श्रीरामभक्त
Gargachary Times
12 April 2026, 19:49
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Bharatpur
भरतपुर। गायत्री परिवार के तत्वावधान में चामड मंदिर के पास सेवर रोड भरतपुर में चल रही श्रीमद भागवत कथा के पांचवे दिन कथा के दौरान कथावाचक भगवानदास श्रीरामभक्त ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की कथा श्रवण करने से मनुष्य का हृदय पवित्र होता है तथा मन में एकाग्रता व शान्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि धृतराष्ट््र जन्म से अंधा था लेकिन पुत्र मोह में अंदरविचारों से विकृत होने के कारण मन से भी अंधा हो गया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने गायत्री मंत्र की गुरू गर्गाचार्य से दीक्षा लेकर ब्रह्म मुहूर्त में प्रतिदिन गायत्री मंच का जप एवं हवन किया करते थे।
कथावाचक ने कहा कि गायत्री के महामंत्र में 24 अक्षर होते हैं इन्ही अक्षरों के अंतर्गत 24 अवतारों का समावेश है इसके नियमित जपने से अन्य मेत्रों की शक्ति सैकडों गुनी बढ जाती है।
कथावाचक ने बतलाया कि रूकमणी ने पुरूषार्थ, पराक्रम, संयमित, जीवन, उदार आदि से पति के रूप में श्रीकृष्ण को समर्पित करने का संकल्प लिया था। हमें भी अपनी बेटियों को श्रीकृष्ण जैसा सदगुण सम्पन्न ईश्वर भक्त देखना चाहिये कथा में सभी भक्त रूकमणि श्री कृष्ण के विवाह में भाव विभोर होकर नाचने लगे।
कथा के अंत में आरती राजेश गर्ग ,रूकमणी देवी, हरीओम गर्ग, भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा,दीनदयाल , गायत्री परिवार नगर जीतू शर्मा, नवीन शर्मा भोंट, आर.पी. गोयल, गुलराज कटारा, अनिल गर्ग, शिवम गर्ग आदि ने की।