ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में यूपी का दमदार प्रदर्शन, एसटीसी के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया हरित परिवहन मॉडल
Gargachary Times
21 April 2026, 20:37
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Delhi
नई दिल्ली में आयोजित ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश ने हरित, आधुनिक और तकनीक-आधारित परिवहन मॉडल की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के सतत मोबिलिटी, मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भविष्य उन्मुख अवसंरचना के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश हरित परिवहन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘ग्रीन ट्रांसपोर्ट कॉन्क्लेव: एक्सेलेरेटिंग टुवर्ड्स द फ्यूचर ऑफ सस्टेनेबल एंड ग्रीन मोबिलिटी’ का मंगलवार को नई दिल्ली में शुभारंभ हुआ। इस दौरान कॉन्क्लेव में ऑटोमोबाइल, रेलवे, मरीन, एविएशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जैव ईंधन, लंबी दूरी माल परिवहन, शहरी परिवहन, स्मार्ट मोबिलिटी और ऊर्जा संक्रमण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश संभावनाओं और हरित परिवहन दृष्टिकोण को सभी ने सराहा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस आयोजन में देशभर से नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, परिवहन विशेषज्ञों, निवेशकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने हरित एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था के भविष्य पर यूपी का पक्ष रखा।
उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने राज्य में विकसित हो रहे सतत परिवहन मॉडल, स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रीन मोबिलिटी, आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तथा भविष्य उन्मुख अवसंरचना विकास की व्यापक रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य होने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रदेश के तीव्र एवं संतुलित विकास के लिए परिवहन व्यवस्था का हरित, सुरक्षित, आधुनिक और तकनीक-आधारित होना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार परिवहन क्षेत्र में व्यापक सुधार, निवेश प्रोत्साहन, नवाचार, मजबूत कनेक्टिविटी तथा पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश आज देश में एक्सप्रेस-वे विकास का अग्रणी राज्य बन चुका है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में तेज और सुगम संपर्क व्यवस्था विकसित की जा रही है। इनसे यात्रा समय में कमी, ईंधन की बचत, औद्योगिक निवेश में वृद्धि और माल परिवहन की दक्षता में सुधार हुआ है।
श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ई-बसों, चार्जिंग नेटवर्क और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रही है। साथ ही एथेनॉल, बायोगैस, संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) और कृषि अपशिष्ट आधारित ऊर्जा के क्षेत्र में भी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, डिजिटल टोलिंग और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य के परिवहन क्षेत्र को नई दिशा देंगी। उत्तर प्रदेश इन नवाचारों को अपनाकर नागरिकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हरित परिवहन, कुशल लॉजिस्टिक्स और सतत अवसंरचना ‘विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तथा ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।