नवागत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कार्यभार ग्रहण करने के तत्काल बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन बैठक
Gargachary Times
21 April 2026, 20:39
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Mainpuri
मैनपुरी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा के दौरान उपस्थित प्रभारी चिकित्साधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग का कार्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं बल्कि जन-सामान्य के जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि कार्य-प्रणाली को केवल “आउटपुट” यानी संख्यात्मक उपलब्धियों तक सीमित रखने के बजाय “आउट-कम” यानी वास्तविक परिणामों पर केंद्रित किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि वह सुनिश्चित करें कि स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ आमजन तक पहुंचे और उसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे, विभाग के अधिकारी संचालित योजनाओं में नवाचार का प्रयोग करें, संख्या पर निर्भर न रहें बल्कि आम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को पहुंचाने की दिशा में कार्य करें ताकि आम जनता स्वास्थ्य विभाग के प्रति नजरिया बदले।
श्री त्रिपाठी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहल में मात्र 40 प्रतिशत सेशन आयोजित होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी करहल का स्पष्टीकरण प्राप्त करने, संचारी रोग अभियान में झाड़ियों का कटान, जल निकासी एवं नालियों की सफाई के कार्य में लापरवाही बरतने पर सहायक विकास अधिकारी कुरावली को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से टीबी, नेत्र परीक्षण, सामान्य रोगों की जांच, लैब टेस्ट तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाए, प्रत्येक पंचायत तक चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं ताकि कोई भी ग्रामीण क्षेत्र स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नए पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया जाए और इसे सतत प्रक्रिया के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित जन औषधि केंद्रों को केवल सीमित समय तक संचालित करना पर्याप्त नहीं है, विशेष रूप से रात्रिकालीन समय में भी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होने कहा कि किशोरियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि “किशोरी मंच” के माध्यम से किशोरियों को जागरूक कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए, सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण अभियान के तहत किशोरियों को प्राथमिकता दी जाए, उनके बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
उन्होने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य दिवस में प्रातः 10 बजे से जूम मीटिंग के माध्यम से विभागीय योजनाओं, कार्यों की समीक्षा होगी। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि नियमित टीकाकरण स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण योजना है, योजना के तहत प्रत्येक लक्षित बच्चों को जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित करने के लिए टीकाकरण किया जाना है लेकिन जनपद में 87 प्रतिशत बच्चों का ही पूर्ण टीकाकरण किया गया है। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी बीएचएनडी सत्र नियमित रूप से आयोजित हों, प्रत्येक लक्षित बच्चों का टीकाकरण कराया जाए ताकि उन्हें जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित किया जा सके। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि जनपद में शत-प्रतिशत प्रसव संस्थागत हों, प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए, उन्हें समय से सुबह का नाश्ता, दोपहर-शाम का खाना मुहैया कराया जाए, डिस्चार्ज होने पर 102 एंबुलेंस सेवा से बैकड्रॉप की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, परिवार नियोजन, आयुष्मान भारत के अन्तर्गत बनाये गये गोल्डन कार्ड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय रोग उन्मूलन आदि योजनाओं की बिन्दुवार गहन समीक्षा की।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक सत्येन्द्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर ध्रुव शुक्ला, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष, एसएमओ डा. वीपी सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. धर्मेन्द्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।