CIRG ने दौलतपुर में किसानों को दिया रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग का मंत्र, जैविक खाद अपनाने पर जोर
Gargachary Times
22 April 2026, 20:21
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Mathura
फरह। फरह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG) द्वारा फरह ब्लॉक के गांव दौलतपुर में किसानों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय 'रासायनिक उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग' रहा। इसमें किसानों को मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और लागत घटाने के गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है। इससे बचने के लिए जैविक खाद, हरी खाद और वर्मी कम्पोस्ट का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। वैज्ञानिकों ने पशुओं से प्राप्त गोबर की खाद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और किसानों को इसे खेतों में अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस दौरान बकरी की मैंगनी से तैयार खाद की खासियत भी साझा की गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि बकरी की मैंगनी से बनी खाद में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह मिट्टी को भुरभुरी बनाती है और जल धारण क्षमता बढ़ाती है, जिससे फसल की पैदावार बढ़ती है।
कार्यक्रम में महिला और पुरुष किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। किसानों ने वैज्ञानिकों से जैविक खेती से जुड़े सवाल पूछे और अपनी शंकाओं का समाधान पाया। किसानों ने माना कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके जैविक तरीकों से खेती करने पर लागत घटेगी और जमीन की सेहत भी सुधरेगी।
संस्थान के अधिकारियों ने कहा कि CIRG का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और सतत कृषि को बढ़ावा देना है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।