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स्कूल चलो अभियान को ठेंगा, विद्यालय पर लटका ताला

Gargachary Times 25 April 2026, 21:28 90 views
Mathura
स्कूल चलो अभियान को ठेंगा, विद्यालय पर लटका ताला
ललित उपाध्याय संवाददाता मथुरा। फरह क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पौरी पर 9:30 बजे तक ताला लटका दिखाई दिया। यह है मथुरा के सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य। बेसिक शिक्षा विभाग मथुरा के जिम्मेदार अधिकारी एवं अध्यापक स्कूल चलो अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार की छवि को खराब करने में वह कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। एक तरफ मथुरा की सीडीओ एवं विधायक स्कूल चलो अभियान को झंडी दिखाकर प्रचार प्रसार कर है। तो वहीं दूसरी और बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति कुंभकरणीय नींद में सोई हुई नजर आ रही है। इनके द्वारा ना तो किसी विद्यालय का निरीक्षण किया जाता और ना ही खुद अपने दफ्तर में समय पर बैठी हैं। सीयूजी नंबर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी को चार बार कॉल किया गया लेकिन मोहतरमा फोन उठाने की जहमत तक नहीं करती। पौरी के प्राथमिक विद्यालय पर 9:30 बजे तक लगे ताले के बारे में खंड शिक्षा अधिकारी विनय प्रताप सिंह से फोन पर जानकारी की गई,तो उन्होंने बताया विद्यालय में तीन लोगों का स्टाफ है। जिनमें से अंजना बघेल लंबे समय से मेडिकल पर है। 2 दिन से उपेंद्र भी मेडिकल पर हैं। तीसरी शिक्षिका नेहा चेलानी सस्पेंड है। खंड शिक्षा अधिकारी का कहना है कि विद्यालय खुलने में थोड़ा लेट हो गया था। एक दिन अटैचमेंट में रमेश चंद को भेजा गया जिन्होंने बच्चों को संभाला वहीं दूसरे दिन आंगनबाड़ी के द्वारा बच्चों को संभाल गया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने विनय प्रताप सिंह ने बताया कि उपेंद्र और नेहा चेलानी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है वही दोनों के वेतन को रोकने की संस्तुति की गई है। वही खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अंजना बघेल की अनुपस्थिति में उपेंद्र पर चार्ज है। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी से पूछा गया कि इसमें में जिम्मेदार कौन है तो उन्होंने बताया कि उपेंद्र की जिम्मेदारी थी, कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विद्यालय कौन खोलेगा या किस पर जिम्मेदारी जाएगी बिना बताए मेडिकल चले गए और खबर भी नहीं की। आपको बताते चलें कि खंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा बताया गया कि अंजना बघेल लंबे समय से मेडिकल पर है इसके बाद उपेंद्र की जिम्मेदारी है। यही सवाल उठता है कि फिर कार्यवाही नेहा चेलानी के खिलाफ क्यों क्योंकि वह तो निलंबित चल रही है। खण्ड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि उन्हें अपने सिग्नेचर करने होते हैं लेकिन जनाब जब विद्यालय नहीं खुलेगा तो वह सिग्नेचर कैसे करेगी। वही सवाल यह भी उठना है कि अंजना बघेल लंबे समय से मेडिकल पर क्यों है। ऐसे में बच्चों के भविष्य का क्या होगा। वा रे वा मथुरा के शिक्षा विभाग। कैसे पढ़ेंगे बच्चे, कैसे बढ़ेंगे बच्चे।
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