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जूनियर इंजीनियरों ने खोला मोर्चा: कोसी जे.ई. के निलंबन और 'उत्पीड़न' के विरोध में आंदोलन की चेतावनी

Gargachary Times 27 April 2026, 21:11 130 views
Mathura
जूनियर इंजीनियरों ने खोला मोर्चा: कोसी जे.ई. के निलंबन और 'उत्पीड़न' के विरोध में आंदोलन की चेतावनी
मथुरा। मथुरा क्षेत्र के विद्युत विभाग में विवाद गहरा गया है। राज्य विद्युत परिषद् जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने विभाग द्वारा अवर अभियंताओं (जे.ई.) के खिलाफ की जा रही अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को 'उत्पीड़न' करार देते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो सभी अवर अभियंता मजबूरन कार्य बहिष्कार और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। विवाद का ताजा कारण 33/11 के.वी. उपकेंद्र-कोसी टाउन में तैनात अवर अभियंता आमोद आनंद का निलंबन है। अधीक्षण अभियंता द्वारा जारी आदेश के अनुसार, आमोद आनंद पर कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, फ्यूज वायर न लगाने और ट्रांसफार्मर के रख-रखाव में उदासीनता बरतने के आरोप हैं, जिससे विभाग को आर्थिक हानि हुई है। हालांकि, संगठन ने इस कार्रवाई को 'अनैतिक' बताते हुए इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने मुख्य अभियंता को सौंपे मांग पत्र में आरोप लगाया है कि विभाग मैनपावर और मटेरियल की भारी कमी से जूझ रहा है। विषम परिस्थितियों में कार्य करने के बावजूद केवल अवर अभियंताओं को ही बलि का बकरा बनाया जा रहा है। संगठन की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं: अनैतिक कार्रवाइयो को रोका जाये। कोसी के अधिशासी अभियंता पर अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाव बनाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उनके स्थानांतरण की मांग की गई है। अधिशाषी अभियंता के द्वारा अनैतिक कार्यों के लिए अधीनस्थ कर्मचारियों पर दबाब बनाकर कार्य कराया जा रहा है एवं निम्न स्तर की भाषाशैली का प्रयोग किया जाता । जिसके लिए पूर्व में अधीक्षण अभियंता महोदय को अवगत कराया गया था किन्तु आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी । छाता, खैरा, मांट सहित विभिन्न क्षेत्रों में तैनात 8 जे.ई. की रोकी गई वेतन वृद्धि तत्काल बहाल की जाए। संगठन का कहना है कि बिना स्पष्टीकरण और बिना जांच समिति गठित किए ही 'गुपचुप' तरीके से निंदा प्रविष्टि और निलंबन जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं, जो असंवैधानिक हैं। मानक के अनुसार शहरी क्षेत्र में 6000 और ग्रामीण क्षेत्र में 5000 उपभोक्ताओं पर एक जे.ई. की तैनाती और प्रत्येक 11 केवी फीडर पर पूरी लाइन गैंग उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पत्र में एक चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि अधिकारी और जनता के दबाव में अवर अभियंता मरम्मत कार्यों का खर्च अपनी जेब से वहन कर रहे हैं। संगठन ने मांग की है कि उपखंड स्तर पर अनुरक्षण कार्यों के लिए विधिवत निविदाएं जारी की जाएं। संगठन के क्षेत्रीय अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक इन 9 सूत्रीय मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर, प्रशासन ने आमोद आनंद को निलंबन अवधि के दौरान कोसी कार्यालय से संबद्ध कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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