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जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम नाका निरीक्षण

Gargachary Times 2 May 2026, 20:00 19 views
Mainpuri
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम नाका निरीक्षण
रिपोर्ट प्रधूम शाक्य मैनपुरी मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने तहसील भोगांव के ग्राम नाका में मा. उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में गाटा संख्या-183, 192ख, 364क, 396, 405, 406, 408, 410 कुल 08 किता रकवा 3.772 हे. का स्थलीय निरीक्षण कर उप जिलाधिकारी भोगांव को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन-जिन गाटा संख्याओं से कब्जा हटा दिया गया है, उन्हें तत्काल रिट करने वाले व्यक्ति को दखल दिलाएं, उप जिलाधिकारी ने बताया कि उसके द्वारा मौके पर आकर दखल नहीं लिया जा रहा है, जिस पर उन्होंने कहा कि खाली कराए गए गाटा संख्याओं का विवरण अंकित कर पंजीकृत डाक से पत्र उपलब्ध कराया जाए साथ ही खाली करायी गई भूमि पर स्वामित्व का बोर्ड लगाकर लिखवाया जाए कि उक्त भूमि मा. उच्च न्यायालय के निर्देशों पर खाली कराई गई है, इस पर किसी के द्वारा कब्जा करने की कोशिश न की जाए। मौके पर जानकारी करने पर पाया कि उक्त गाटा संख्या जो रघुवीर सिंह, जबर सिंह के नाम थी जिन्हें 1998 में बैंक लोन के कारण नीलाम किया गया था, नीलामी रू. 01 लाख 80 में राम प्रसाद नि. लक्ष्मीपुर ने क्रय की थी, तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने 2021 में खतौनी में राम प्रसाद का नाम भी अंकित कर दिया गया था, लेकिन मौके पर कब्जा नहीं था, जिस कारण राम प्रसाद ने मा. उच्च न्यायालय में रिट दायर की थी, दायर रिट के निर्णय में मा. उच्च न्यायालय ने मौके पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिये। राजस्व टीम ने अधिकांश भूमि कब्जामुक्त करायी जा चुकी है, 17 प्लाट में से 11 पर भवन निर्माण हो चुके हैं, जिस पर उन्होने मौके पर उपस्थित राम सेवक, अमर पाल, श्याम बाबू, शिव नन्दन, धर्मेन्द्र से जानकारी करने पर पाया कि उक्त प्लाट पूर्वजों ने वर्ष 1987-88 में क्रय किये थे, तभी से मकान बने हैं, अधिकांश लोग बैनामे नहीं दिखा सके, जिस पर उन्होने नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल से कहा कि मौके पर प्रत्येक भवन के स्वामी का फोटो एवं बयान दर्ज कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। श्री त्रिपाठी ने निरीक्षण के दौरान गांव में व्याप्त गंदगी पर असंतोष व्यक्त करते हुए ग्राम प्रधान, सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान चलाकर गांव की सफाई करना सुनिश्चित करें, नालियों में से निकाली गई सिल्ट का तत्काल उठान करायें, गांव में जल-भराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए तालाब तक नाली की खुदाई कराकर जल-निकासी के बेहतर प्रबंध किए जाएं, अधिकांश ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सफाई-कर्मी द्वारा सफाई का कार्य नहीं किया जाता है, जल-निकासी के भी कोई प्रबंध नहीं है, जिस कारण अक्सर गलियों में पानी भरा रहता है, जिस कारण आवागमन में सुविधा का सामना करना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान गांव में विद्युत के कई पोल टूटे पाए गए साथ ही 11000 की लाइन के तार भी काफी ढीले मिले, जिस पर उन्होंने मोबाइल पर क्षेत्रीय अवर अभियंता विद्युत को आदेशित करते हुए कहा कि आज सायं तक प्रत्येक दशा में टूटे हुए पोल बदले जाएं, 11000 लाइन के तारों को तत्काल ठीक कराया जाए, रोस्टर के अनुसार विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गांव में स्थित अलिखेरा इंडेन गैस ग्रामीण वितरण केंद्र के निरीक्षण के दौरान पाया कि एजेंसी द्वारा अधिकांश उपभोक्ताओं को एजेंसी से ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराये जा रहे हैं जबकि एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं के घर सिलेंडर की होम डिलीवरी का नियम है, गैस एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी न कर उपभोक्ताओं से होम डिलीवरी का चार्ज भी वसूला जा रहा है, जिस पर उन्होंने गैस एजेंसी के स्वामी को हिदायत देते हुए कहा कि सिलेंडर की होम डिलीवरी कराना सुनिश्चित करें यदि एजेंसी से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध करायें तो होम डिलीवरी का चार्ज न वसूला जाए यदि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई तो कठोर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी नीरज द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी राम कृष्ण द्विवेदी, नायब तहसीलदार रोहित कुमार, राजस्व निरीक्षक जय प्रकाश, क्षेत्रीय लेखपाल अरविन्द, ग्राम प्रधान अवनीश कुमार आदि उपस्थित रहे।
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