सरकारी गोदाम में मिले 3 दुर्लभ सैंड बोआ सांप, वाइल्डलाइफ SOS ने बचाई जान; वन विभाग के साथ चला संयुक्त रेस्क्यू
Gargachary Times
16 May 2026, 21:32
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Mathura
फरह। आगरा उत्तर प्रदेश वन विभाग और वाइल्डलाइफ एसओएस की त्वरित कार्रवाई से आगरा के तेहरा सैया स्थित सरकारी गोदाम में छिपे तीन कॉमन सैंड बोआ सांपों की जान बच गई। गोदाम कर्मचारियों की सतर्कता से यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हुआ।
सहकारी समिति के गोदाम में काम कर रहे कर्मचारियों ने सीढ़ियों के नीचे दो सांप देखे। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग ने बिना देर किए वाइल्डलाइफ एसओएस की आगरा हेल्पलाइन 9917109666 पर संपर्क किया।
मौके पर पहुंची वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पांस यूनिट ने सीढ़ियों के नीचे सावधानी से तलाशी ली। कर्मचारियों ने दो सांप देखे थे, लेकिन टीम को वहां छिपा हुआ तीसरा सांप भी मिल गया। विशेष उपकरणों से तीनों सैंड बोआ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
कॉमन सैंड बोआ गैर-विषैला सांप है। यह अक्सर बिल खोदकर अंधेरे और शांत जगहों पर रहता है। गोदाम, भंडारण स्थल और खेत इसके आम ठिकाने हैं। गर्मी में ये ठंडी सतहों की तलाश में ऐसी जगह पहुंच जाते हैं। ये इंसानों के लिए पूरी तरह हानिरहित होते हैं।
रेस्क्यू के बाद तीनों सांपों को वाइल्डलाइफ एसओएस ट्रांजिट फैसिलिटी में निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य जांच के बाद इन्हें उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
क्या बोले अधिकारी
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, "सैंड बोआ चूहों की आबादी नियंत्रित करते हैं। ये किसानों के मित्र हैं। कर्मचारियों ने इन्हें मारने की बजाय सूचना दी, यह सराहनीय है।"
सह-संस्थापक गीता शेषमणि ने कहा, "ये सांप सिर्फ आश्रय के लिए आए थे। इनसे कोई खतरा नहीं। गैर-विषैले सांपों के प्रति बढ़ती जागरूकता उत्साहजनक है।"
डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी. ने कहा, "गर्मी में गोदाम वन्यजीवों के आश्रय बन जाते हैं। समय पर सूचना और समन्वय से इन्हें सुरक्षित लौटाया जा सका।"