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किसानों के साथ आपसी समन्वय बनाकर जिले में उर्वरक की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गैर-कृषि कार्यों में दुरुपयोग रोकने के दिए कड़े निर्देश।

Gargachary Times 20 May 2026, 20:55 91 views
Firozabad
किसानों के साथ आपसी समन्वय बनाकर जिले में उर्वरक की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा गैर-कृषि कार्यों में दुरुपयोग रोकने के दिए कड़े निर्देश।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिला स्तरीय उर्वरक समिति की समीक्षा बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस जिला स्तरीय बैठक में इफको, कृषक भारती सेवा केंद्र (कृभको), राजकीय कृषि बीज भंडारों और विभिन्न सहकारी समितियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य खरीफ सीजन 2026 के दृष्टिगत जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, आगामी मांग तथा सुचारू वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा करना रहा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने अधिकारियों और उर्वरक वितरण संस्थाओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि धरातल पर किसानों के साथ निरंतर एवं जीवंत आपसी समन्वय बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक वितरण प्रणाली को इस प्रकार सुदृढ़ और पारदर्शी रखा जाए जिससे जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की ‘पैनिक सिचुएशन (आपात या पैनिक स्थिति) उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी कालाबाजारी या कृत्रिम कमी पैदा करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिलाधिकारी ने उर्वरक के अवैध विपणन पर अंकुश लगाने हेतु निर्देश दिया कि इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि रियायती दरों पर मिलने वाले कृषि उर्वरक का उपयोग किसी भी स्थिति में नॉन-एग्रीकल्चर (गैर-कृषि) औद्योगिक कार्यों के लिए न होने पाए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करें और स्टॉक व पीओएस (पोस) मशीन के आंकड़ों का मिलान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि अन्नदाता किसान हमारे जीवन की मुख्य जीवन रेखा हैं, अतः पूरी पारदर्शिता के साथ उनका सहयोग और मार्गदर्शन किया जाए। साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर गठित ‘‘धरती माता निगरानी समिति‘‘ को तत्काल और अधिक सक्रिय किया जाए, ताकि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता फैलाई जा सके। साथ ही किसानों को ज्यादा से ज्यादा ऑर्गेनिक उर्वरक (जैविक खाद) के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित किया जाए तथा इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी को जनपद में उर्वरक आपूर्ति के लिए कार्यरत संस्थाओं के ढांचे की विस्तृत जानकारी दी गई। अवगत कराया गया कि जनपद में वर्तमान में शिकोहाबाद में 01 मुख्य रैक पॉइंट, 24 थोक उर्वरक विक्रेता (अनुदानित), 82 बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समितियां (बी०-पैक्स), 32 इफको-ई-बाजार एवं कृषक सेवा केंद्र, 02 कृषक भारती सेवा केंद्र, 02 पी०सी०एफ० बिक्री केंद्र, 86 एग्री जंक्शन केंद्र, 23 एफ०पी०ओ० तथा 803 अन्य निजी सक्रिय विक्रेता पूरी तरह संचालित हैं, जो किसानों तक खाद पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। सारणी 2. खरीफ, 2026 में उर्वरकों के लक्ष्य, उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति (19.05.2026 तक)(इकाई - मै० टन में) उर्वरक का नाम ,लक्ष्य, उपलब्धता, वितरण यूरिया-42,087, 20,313, 7,528, डी०ए०पी०-17,980, 8,503, 1,107, एन0पी0के0- एन०पी०के०- 2,754, 2,871, 222, एम०ओ०पी०- 5,283, 4,975 498 अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सतत विकास और भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाए रखने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने कृषि, सहकारिता और सूचना विभाग को मिलकर व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार और कृषक गोष्ठियों के आयोजन के निर्देश दिए, जिससे जिले का प्रत्येक किसान जागरूक होकर समृद्ध बन सके।
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