वृंदावन के ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब, 'राई राजा' भेष में प्रभु ने दिए अलौकिक दर्शन
Gargachary Times
20 May 2026, 21:04
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Dharam
वृंदावन। कान्हा की नगरी वृंदावन के ऐतिहासिक और प्रमुख सप्त देवालयों में शुमार ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में इन दिनों भक्ति का एक अनूठा सैलाब उमड़ रहा है। पवित्र पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में मंदिर में एक बेहद अनूठा और दिव्य धार्मिक उत्सव आयोजित किया गया, जहां ठाकुर राधा दामोदर लाल का अलौकिक शृंगार किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रभु ने अपने भक्तों को 'राई राजा' के दुर्लभ भेष में दर्शन दिए, जिसे देखकर वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भावविभोर हो गए और पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।
सदियों पुरानी ब्रज की राग-सेवा परंपरा के अनुसार आयोजित इस शृंगार की सबसे बड़ी विशेषता स्वरूपों का आपस में बदला जाना था। इस बार गर्भगृह में एक अद्भुत लीला का मंचन शृंगार के माध्यम से किया गया, जिसमें राधा रानी ने सर्वोपरि 'राजा' का रूप धारण किया था, जबकि उनकी परम सखी ललिता जी राजा की मुख्य 'मंत्री' के रूप में नजर आईं। वहीं, साक्षात पूर्ण ब्रह्म ठाकुर राधा दामोदर लाल ने स्वयं 'कोतवाल' यानी रक्षक का रूप धारण कर अपनी प्रिया जी की सेवा की। इस विहंगम और दुर्लभ झांकी के दीदार के लिए सुबह से ही देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही और जैसे ही पट खुले, हर कोई इस अलौकिक छवि को आंखों में बसाने के लिए आतुर दिखा।
मंदिर के सेवायत आचार्य कृष्ण बलराम गोस्वामी और आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी महाराज ने इस आयोजन की धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह विशेष 'राई राजा' लीला भक्तों के भीतर शुद्ध प्रेम और समर्पण के भाव को जगाती है। वहीं, आचार्य करुण गोस्वामी महाराज ने पुरुषोत्तम मास (मलमास) के महत्व को समझाते हुए कहा कि भगवान श्रीहरि के इस प्रिय महीने में किए गए जप, तप और दान का फल अनंत गुना मिलता है, जिससे जीव के सारे सांसारिक कष्ट मिट जाते हैं। इस भव्य उत्सव के दौरान पूरे गर्भगृह को सुगंधित फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। शृंगार आरती के बाद मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं को छप्पन भोग का विशेष प्रसाद और चरणामृत वितरित किया गया।