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मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी जरूरतमंदों के लिए वरदान

Gargachary Times 21 May 2026, 20:57 40 views
Lucknow
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी जरूरतमंदों के लिए वरदान
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े जरूरतमंद एवं आवासहीन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के माध्यम से पात्र गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इस योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जे०ई०/ए०ई०एस०, कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार, बैगा जैसी जनजातियों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता से आच्छादित होने के बावजूद स्थायी पात्रता सूची से वंचित छतविहीन एवं जर्जर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता श्रेणी में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा उत्तर प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को भी शामिल किया गया है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक आवास हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। आवास का निर्धारित क्षेत्रफल 25 वर्गमीटर रखा गया है। साथ ही शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आवास निर्माण में लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का भी प्रावधान है। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत वर्ष 2018-19 से अब तक 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है तथा शेष आवास निर्माणाधीन हैं। आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग श्री जी एस प्रियदर्शी ने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों सहित बड़ी संख्या में अनुसूचित जनजाति के पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में सरकार ने सभी जनजातियों, जो उत्तर प्रदेश में निवास करती है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की प्राथमिकता सूची में सम्मिलित कर लिया है तथा इन्हें आवास आवंटन की कार्यवाही की जा रही है। यह योजना समाज के सबसे नीचले पायदान पर स्थित जरूरतमंद पात्र परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने में सफल रही है।यह योजना गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
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