भैंसा गौशाला प्रकरण में त्वरित उपचार से बचीं कई जानें
Gargachary Times
23 May 2026, 19:46
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Mathura
मथुरा। विकास खंड मथुरा की ग्राम पंचायत भैंसा स्थित लक्ष्मी नारायण गौशाला में करीब एक दर्जन गौवंश की मृत्यु होने का मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग और प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण कुमार शुक्ला ने तत्काल चिकित्सा दल के साथ मौके पर पहुंचकर उपचार एवं बचाव कार्य शुरू कराया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात गौशाला में कई गौवंश अचानक बीमार पड़ गए, जिनमें से करीब एक दर्जन गौवंश की मृत्यु हो गई। वहीं तीन गंभीर रूप से बीमार गौवंश को बेहतर उपचार के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान केंद्र रेफर किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समय रहते उपचार शुरू किए जाने से करीब 30 गौवंश की जान बचा ली गई।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण कुमार शुक्ला ने बताया कि मृत गौवंशों के सैंपल एकत्रित कर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। प्राथमिक स्तर पर संज्ञान में आया है कि 20 मई को ग्राम प्रधान के मृत्यु भोज के बाद अवशेष भोजन गौवंशों को खिलाए जाने से फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है, हालांकि विभागीय अधिकारी जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं।
एहतियात के तौर पर गौशाला में मौजूद सभी गौवंशों को चिकित्सा दल की निगरानी में राल गौशाला में शिफ्ट कराया जा रहा है, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण और बेहतर देखभाल मिल सके। गौरतलब है कि ग्राम प्रधान का हाल ही में निधन हुआ था, जिसके चलते स्थानीय व्यवस्थाओं पर भी प्रभाव पड़ा बताया जा रहा है। फिलहाल पशुपालन विभाग की टीम लगातार निगरानी और उपचार कार्य में जुटी हुई है।