सेहत के लिए कुछ देर खुलकर हंसना जरूरी
Gargachary Times
24 May 2026, 18:19
69 views
Dholpur
डा हरिप्रकाश प्रकाश लवानिया धौलपुर
शोधों से पता चलता है की जो लोग नियमित रूप से हंसते हैं और उन्हें हृदय रोग या स्ट्रोक होने की संभावना कम होती है बार-बार हंसने पर हमारे हृदय की गति एवं स्वास्थ्य दर बढ़ जाती है परिणाम स्वरुप हमारा हृदय तेज गति से धड़कता है जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त प्रवाहित होता है व्यायाम की तरह ही हंसी ऑक्सीजन की लेवल को बढ़ाती है साथही
एडोर्फिन के स्तर को बढ़ाती है और कार्टी सोल एपीनेफ्रिन और अन्य तनाव पैदा करने वाले हारमोंस को कम करती है रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है
वर्तमान परिपेक्ष में व्यस्तता चि`ताओ का बोझ एवं समय की कमी के चलते मानवको अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है लोग खुलकर हंसना भूल गए हैं तथा खुलकर हंसने की जगह दिखावटी मुस्कुराहट अथवा व्यंगात्मक हसी नेले ली है खुलकर हंसने की जगह लोग सांकेतिक या दिखावटी मुस्कुराहट को ही हंसी मान बैठे हैं जबकि वास्तविक हसी का अर्थ है समस्त चिताओं का कुछ पल परित्याग कर दिल खोल कर हंसना जिसमें शरीर एवं मन का रोम रोम खिल उठे दिल खोल कर हंसना नकारात्मक परिस्थितियों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने में मदद करके उनकी सहनशीलता को बढ़ाता है नियमित हसी मन को हल्का कर मनुष्य को अधिक आशाबादी बनती है जिससे आघात एवं बीमारी से उभरने में मदद मिलती है बच्चों में हंसी मस्तिष्क के विकास सामाजिक कौशल एवं भावनात्मक नियंत्रण में सहायक होती है तथा बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे बच्चे संक्रमणों से बेहतर ढंग से मुकाबला कर सकते हैं
हंसी एक सहज क्षमता है जो की न केवल मानव जाति को भावनाओं को व्यक्त करने में मदद करती है बल्कि कई प्रकार की बीमारियों के लिए एक संवर्धन निवारक और उपचार आत्मक उपाय के रूप में भी आशाजनक सिद्ध हुई है पारस आर आर द्वारा किए गए एक अध्ययन में हंसी को संरचनात्मक रूप से अप्रत्याशित झलकियां की उपस्थिति में एक आनंद मय ताल्लीनता के रूप में परिभाषित किया है जो सामंजस्य पूर्ण अखंडता को प्रेरित करती है और चिंतनशील दृष्टि के माध्यम से नए सिरे से उभरती है दिलचस्प बात यह है यह परिभाषा 7 से 93 वर्ष की आयु के 400 प्रतिभागियों वाले स्वास्थ्य के एक घटनात्मक अध्ययन द्वारा प्रस्तावित स्वास्थ्य की संरचनात्मक परिभाषा से घनिष्ठ रूप से जुड़ी है
स्कूल आफ लाफ्टर योग में कटारिया एम ने हंसी को एक शक्तिशाली व्यायाम बताया है केवल 10 से 15 मिनट तक हंसने से 40 कैलोरी तक बर्न हो जाती हैं हंसी सामाजिक मेलजोल के लाभों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण कारक है जो बढ़ती उम्र के साथ महत्वपूर्ण हो जाता है समूह में आसन अधिक प्रभावित होता है दूसरों के साथ हंसने से अपनेपन एवं जुडाव की भावना बढ़ती है बच्चे दिन में औसतन 400 बार जब की वयस्क केवल 15 बार हस पाते हैं
हंसना कोई हुनर नहीं है अपितु एक आदत है जब आप रोजमर्रा की जिंदगी में हास्य ढूंढने की आदत डाल लेंगे तो आप आसानी से हंसने लगेंगे जब भी कुछ मजेदार हो आप जरूरहसे रखें सोध से पता चलता हैहास्य योग अवसाद के लक्षणों और जीवन संतुष्टि में सुधार कर सकता है शारीरिक रूप से विश्राम और मानसिक रूप से तनावग्रस्त होना एक ही समय में असंभव है विश्राम के माध्यम से आपकी जागरूकता वर्तमान क्षण में लौट आती है तथा आनंद हास्य और हंसी के द्वार खोल देता है पालतू जानवर भी मालिक के चेहरे की खुशी देखकर उसी के अनुकूल व्यवहार करता है इसकी शिक्षा उसे किसी विद्यालय में नहीं बल्कि प्रकृति से प्राप्त हुई है
योग प्रशिक्षक एवं बाबा रामदेव के संस्थान में अपनी सेवा दे चुके डॉक्टर दिनेश शर्मा ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं तथा 21 जून को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व नियमित रूप से योगाभ्यास करा रहे हैं उनके अनुसार योग एवं आसनों के बाद कुछ पल खिलखिला कर शामिल रुप से दिल से हंसने के बाद व्यायाम के बाद नई ऊर्जा एवं जोश का संचार होता है यह हास्यासन उनकी प्रत्येक योग कक्षा के बाद किया जाता है हंसने सेओज तेज बल के साथ-साथ मस्तिष्क एवं शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है हालाकि धीरे-धीरे लोग लोगों द्वारा हास्ययोग को करने की प्रक्रिया बढ़ती जा रही है इसीलिए आज सुबह पार्कों में घूमने के बाद बहुत से लोगों को सार्वजनिक रूप से खिल खिलाकर हंसते हुए देखा जा सकता है हंसी ईश्वर द्वारा मनुष्य को दी गई एक अनुपम भेट हैं जिसका अधिकसे अधिक प्रयोग कर हमें अपने जीवन को मुस्कुराहट की ओर ले जाना चाहिए तथा व्यस्तता के बावजूद स्वयं के लिए कुछ पल निकाल कर खुलकर हंसना चाहिए