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जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक

Gargachary Times 26 May 2026, 18:56 70 views
Mainpuri
जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा बैठक में प्र. चिकित्साधिकारियों, उप मुख्य चिकित्साधिकारियों, अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं का लाभ पात्र तक पहुंचाने की दिशा में सम्मिलित प्रयास करें, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ समय से अपने-अपने तैनाती स्थल पर उपस्थित रहें, स्वास्थ्य केन्द्रो पर पर्याप्त मात्रा में दावाओं की उपलब्धता के साथ जांचों की व्यवस्था रहे, आर.बी.एस.के. टीम नियमित रूप से विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रो का भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करें, परीक्षण के दौरान बच्चों में जो भी कमियां मिलें उन्हें तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करायी जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रसव संस्थागत हों, इस हेतु गर्भवती महिलाओं के साथ उनके परिजनों को भी संस्थागत प्रसव कराने के लिए प्रेरित किया जाए, गर्भवती, धात्री महिलाओं, बालिकाओं, किशोरियों की नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच हों, गर्भवती महिलाओं की जांच के साथ उन्हें ऑयरन, कैल्शियम की टेबलेट उपलब्ध करायी जाए साथ ही उन्हे भरपूर पोषक आहार खाने के लिए जागरूक किया जाए ताकि पैदा होने वाला बच्चा स्वस्थ हो। श्री त्रिपाठी ने समीक्षा के दौरान कहा कि आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, नियमित टीकाकरण में कोई लक्षण बच्चा टीकाकरण से शेष न रहे, सभी लक्षित बच्चों को सभी टीके लगाकर जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित किया जाए। उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड की प्रगति ठीक नहीं है, स्वास्थ्य केन्द्र करहल, जागीर की प्रगति सबसे खराब है, 20 अप्रैल से 21 मई तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली में 237, जागीर में 308, करहल में मात्र 406 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि अभियान चलाकर अवशेष पत्रों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं ताकि बीमार होने की दशा में उन्हें योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की नियमित जांच हो, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से नियमों, मानकों का पालन कराया जाए, एंबुलेंस-102, 108 निर्धारित रिस्पांस टाइम में मरीज तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनपद के चिन्हित सैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराकर उनकी सेहत में सुधार लाया जाए। जिलाधिकारी ने जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में चिन्हित क्षय रोगियांे की बेहतर देखभाल की जाए, उन्हें योजना में मिलने वाली धनराशि समय से उपलब्ध करायी जाए, प्रतिमाह पोषण पोटली भी उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा कार्यक्रम, राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा योजना, परिवार कल्याण कार्यक्रम आदि की बिंदुवार गहन समीक्षा की। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, उपायुक्त एन.आर.एल.एम. शौकत अली, मुख्य चिकित्साधीक्षक धर्मेन्द्र, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. हिलाल अहमद, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम. संजीव पांडेय, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, आईएमए के प्रतिनिधि डा. संजय अग्रवाल, अराधना गुप्ता सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र कुमार ने किया।
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