विद्यालय, हॉस्टल, बोर्डिंग स्कूल के आसपास की जाए नियमित चेकिंग
Gargachary Times
26 May 2026, 18:56
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Mainpuri
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने नशा-मुक्ति अभियान, एनकोर्ड की बैठक में नशा न करने सम्बन्धी शपथ दिलाने के उपरांत जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा में छात्रों को नशे के दुष्पप्रभावों के बारे में प्रतिदिन बताया जाए, छात्रों के बीच नशा-मुक्ति पर आधारित पोस्टर, निबंध, वाद-विवाद आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए, विद्यालयों, बोर्डिंग स्कूल, कारागार आदि स्थानों को हॉट-स्पॉट चिन्हित कर नियमित रूप से चेकिंग की जाए, किसी भी दशा में विद्यालयों, बोर्डिंग स्कूल के आस-पास नशीले पदार्थों की बिक्री न हो, सुनिश्चित किया जाए। उन्होने कहा कि सभी विद्यालयों में प्रहरी क्लब का गठन किया जाए, नशा-मुक्ति अभियान में बेहतर कार्य करने वाले प्रहरी क्लब के बच्चों को सम्मानित भी किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल शराब या गांजा ही नहीं बल्कि अब मेडिकल दवाइयों एवं कोडीन युक्त कफ सिरप का दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है, ड्रग इंस्पेक्टर, स्वास्थ्य विभाग मेडिकल स्टोर्स की नियमित जांच करें, बिना चिकित्सकीय पर्चे के नशीली दवाओं की बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि अल्प्राजोलम जैसी दवाइयों का प्रयोग कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर युवाओं द्वारा किया जा रहा है जो अत्यंत गंभीर विषय है, ऐसे मामलों में संयुक्त रूप से पुलिस, स्वास्थ्य एवं ड्रग विभाग कार्यवाही करें। उन्होने आबकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि भांग की लाइसेंसी दुकानों की नियमित जांच कराई जाए, कहीं भांग की आड़ में अवैध रूप से गांजे की बिक्री तो नहीं हो रही है, इस पर विशेष ध्यान दिया जाये।
पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने कहा कि नारको-ऑर्डिनेशन सेंटर व्यवस्था गृह मंत्रालय स्तर से संचालित एक महत्वपूर्ण तंत्र है, जिसकी राज्य एवं जिला स्तर पर अलग-अलग समितियां गठित हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान में विभिन्न विभागों को जोड़ा गया है तथा गृह विभाग को नोडल विभाग के रूप में जिम्मेदारी दी गई है, जनपद स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग के लिए पुलिस विभाग द्वारा अलग से अधिकारी नामित किए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मान लेना गलत होगा कि स्कूलों, कॉलेजों एवं युवाओं में नशे की समस्या नहीं है, वर्तमान समय में नशीले पदार्थों के सेवन एवं तस्करी के तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए सभी विभागों को गंभीरता एवं रुचि के साथ कार्य करना होगा। उन्होने कहा कि पारिवारिक विवादों में भी नशे की भूमिका तेजी से सामने आ रही है, थानों में आने वाले कई मामलों में पति द्वारा नशे की हालत में घरेलू हिंसा एवं मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे परिवार और विशेष रूप से बच्चे प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि समाज को नशे से बचाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाना अत्यंत आवश्यक है।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक राजेश चन्द्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, परियोजना निदेशक सत्येंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी संतोष कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक मिश्रा, जिला आबकारी अधिकारी हितेंद्र शेखर, बाल संरक्षण अधिकारी अल्का मिश्रा, डी.सी.आर.बी. प्रभारी विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी आदि उपस्थित रहे।