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हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 मेघावी विद्यार्थी सम्मान समारोह

Gargachary Times 1 June 2026, 19:53 59 views
Mainpuri
हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 मेघावी विद्यार्थी सम्मान समारोह
मैनपुरी - प्रदेश के मुख्यमंत्री मा. योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 मेघावी विद्यार्थी सम्मान समारोह के सजीव प्रसारण के उपरांत कलेक्ट्रेट समाचार में जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने हाई स्कूल में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले हर्षित चौहान, प्रिया मिश्रा, अभिजीत, जाह्नवी, अक्षय देव, सुदिति मोहन, अभिनव राजपूत, कंचन, अंकुल कुमार, इच्छा गुप्ता एवं इंटरमीडिएट में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले मानसी गंगा, शिल्पी, कन्हैया यादव, कुलदीप यादव, अश्विनी कुमार, नवजोत, मोहित कुमार, आकांक्षा, अरुण कुमार, हिमांशु को रू. 21-21 हजार के प्रतीकात्मक चेक, मेडल, प्रशस्ति पत्र एवं 01 फलदार पौधा प्रदान कर सम्मानित करते हुए छात्रों से कहा कि उपलब्ध कराया गया पौधा अपनी मॉ के नाम रोपित कर उसकी देखभाल करें। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मेधावी छात्रों, उनके गुरूजनों, अभिभावकों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि यह सफलता आपके लिए अंतिम सफलता नहीं, इसी तरह मेहनत कर आपको तब तक आगे बढ़ना होगा, जब तक आपके जीवन में सफलता अर्जित न हो जाए। उन्होने कहा कि परीक्षा में मिली सफलता विद्यार्थियों की यात्रा का अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है, जीवन में निरंतर आगे बढ़ते हुए नए लक्ष्य निर्धारित करना और उन्हें प्राप्त करने के लिए सतत् प्रयास करना ही वास्तविक सफलता है, आपको अभी ज्ञान, अनुभव और उपलब्धियों की लंबी यात्रा तय करनी है, वर्तमान समय ज्ञान और सूचना का युग है, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों ने ज्ञान के नए द्वार खोले हैं, ऐसे समय में विद्यार्थियों को सही और गलत के बीच अंतर करने की क्षमता विकसित करनी होगी। उन्होंने ऋग्वेद की उक्ति ’’आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’’ का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व के श्रेष्ठ विचारों को ग्रहण करना भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है इसलिए युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक विचारों को अपनाकर अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए। उन्होने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में अनेकों प्रकार की जानकारियां और विचार तेजी से प्रसारित होते हैं ऐसे में युवाओं को किसी भी विषय पर बिना तथ्यों की जांच किए निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए, छात्रों को अफवाहों और भ्रमों से दूर रहकर वास्तविक जीवन की चुनौतियों एवं अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। श्री त्रिपाठी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में ’’सा विद्या या विमुक्तये’’ कहा गया है अर्थात वही विद्या है जो मुक्ति का मार्ग दिखाए, उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां मुक्ति का अर्थ अज्ञानता, गरीबी, बेरोजगारी और सामाजिक बुराइयों से मुक्ति है, शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है तथा जीवन में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आज बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं, पिछले वर्षों में समाज की सोच में सकारात्मक परिवर्तन आया है और ’’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ जैसे अभियानों ने इस परिवर्तन को गति प्रदान की है, आज अभिभावक अपनी बेटियों की उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहे हैं तथा उन्हें उच्च शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होने कहा कि वर्तमान समय में कैरियर की संभावनाएं असीमित हैं, खेल, कला, साहित्य, विज्ञान, तकनीक, शोध, उद्यमिता, मीडिया, डिजाइनिंग और अन्य अनेक क्षेत्रों में सफलता के अवसर उपलब्ध हैं, आवश्यकता केवल अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने की है, जो व्यक्ति अपनी रुचि के क्षेत्र में समर्पण और परिश्रम के साथ कार्य करता है वही असाधारण सफलता प्राप्त करता है। उन्होने अभिभावकों से आग्रह किया कि वह बच्चों की रुचि और क्षमताओं को समझें तथा उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें, एक अच्छा चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी बनने से अधिक महत्वपूर्ण एक अच्छा इंसान बनना है, नैतिक मूल्यों, मानवीय संवेदनाओं के बिना कोई भी उपलब्धि अधूरी है। जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने मेधावी छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य निर्धारित करें, शब्दकोश में शब्दों का भंडार करें, खाली समय में डिक्शनरी पढ़ें, लिखने की आदत विकसित कर अपनी लेखनी सुधारने की कोशिश करें, लिखने से चीज लंबे समय तक याद रहती हैं, मोबाइल का कम से कम प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र अपने अंदर अति आत्मविश्वास न पालंे, आगे भविष्य में भी आप इसी तरह मेहनत करें, गुरुजनों का आदर कर जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढं़े, समय का सदुपयोग करें, रात्रि में बिस्तर पर जाने के उपरांत मोबाइल का प्रयाग न करें, इंटरनेट का सदुपयोग करें, बेवजह रील देखने में समय बर्बाद न करें। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने विशेष तौर पर बेटियों के लिए तमाम योजनाएं संचालित की हैं, महिलाओं की सुरक्षा, आत्म सम्मान के लिए भी महिलाओं को केंद्र-बिंदु रख योजनाए प्रारंभ की गई, आज जिनका लाभ पाकर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त, स्वावलम्बी बन रही हैं। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता ने उपस्थित मेधावी छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज प्रदेश के मुखिया ने आपका परिश्रम की सराहना की है, आप सब इसी लगन, मेहनत के साथ आगे की शिक्षा ग्रहण कर अपने जीवन में सफलता अर्जित कर देश-प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए आयाम स्थापित कर रहा है, माध्यमिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने हर क्षेत्र में सफलताएं अर्जित की हैं। उन्होने कहा कि विद्या ऐसा धन है, जिसका बटवारा नहीं हो सकता, जितना अधिक पढ़ोगे इसमें उतनी ही अधिक वृद्धि होगी। उन्होंने महापुरुषों का हवाला देते हुए कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सीमित संसाधनों में शिक्षा प्राप्त कर देश का नाम रोशन किया, मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साहब ने भी सीमित संसाधनों में कठिन परिश्रम के साथ शिक्षा ग्रहण की और देश में नहीं बल्कि विश्व में भी मिसाइल के क्षेत्र में अपना नाम रोशन किया, देश के मौजूदा प्रधानमंत्री ने भी कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन किया और आज उन्होंने देश को विश्व पटल पर नयी पहचान दिलाने का कार्य किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार के अलावा महामंत्री हरीओम दुबे सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक, गुरूजन आदि उपस्थित रहे, कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य नीरज दुबे ने किया।
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