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समान पक्षी विहार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण

Gargachary Times 2 June 2026, 19:28 64 views
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समान पक्षी विहार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी ने समान पक्षी विहार क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर इको-टूरिज्म गतिविधियों के विकास, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने वन, राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास की किसी भी योजना में पर्यावरणीय संतुलन एवं वन्यजीव संरक्षण के मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होने पक्षी विहार के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां की भौगोलिक परिस्थितियों, जल स्रोतों, वन्यजीवों की गतिविधियों तथा उपलब्ध भूमि की स्थिति का अवलोकन किया, वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पक्षी विहार के कुछ क्षेत्रों में पक्षियों एवं वन्यजीवों की सर्वाधिक गतिविधियां देखी जाती हैं, जिस पर उन्होने कहा कि ऐसे क्षेत्रों की प्राकृतिक संरचना एवं जैव विविधता को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा किसी भी विकास कार्य से वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास प्रभावित नहीं होने चाहिए। निरीक्षण के दौरान इको-टूरिज्म गतिविधियों के विकास के लिए संभावित स्थलों पर विचार-विमर्श करते हुए ग्राम सभा भूमियों एवं अन्य उपलब्ध भू-भागों की जानकारी मौके पर उपस्थित क्षेत्रीय लेखपाल से प्राप्त करते हुए कहा कि 02 से 06 हे. तक उपलब्ध संभावित भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराया जाए तथा प्रत्येक स्थल की उपयोगिता का विस्तृत परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी भूमि को प्राथमिकता दी जाए जहां पर्यटकों की पहुंच सुगम हो तथा विकास कार्यों के लिए न्यूनतम हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। श्री त्रिपाठी ने पक्षी विहार की अधिसूचित सीमा एवं प्रबंधन योजना की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि अधिसूचित सीमा के भीतर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य के संबंध में सभी वैधानिक प्राविधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पक्षी विहार की सीमा के बाहर जो उपर्युक्त भूमि उपलब्ध है, का आज ही प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराया जाये, प्रस्ताव के साथ वन विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र, भूमि का नजरी-नक्शा भी लगाया जाए, किसी भी स्थिति में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों की अनदेखी न की जाए। उन्होने कहा कि संभावित वॉच टावर स्थलों का तकनीकी एवं पर्यावरणीय परीक्षण कराया जाए, यदि सभी मानक पूरे होते हैं तो वहां पर्यटकों के लिए वॉच टावर एवं अन्य सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए, जिससे पक्षी प्रेमियों एवं प्रकृति पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके, जिन स्थलों तक पहुंच के लिए कच्चे मार्ग उपलब्ध हैं, उनकी उपयोगिता का परीक्षण किया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप पहुंच मार्ग विकसित करने की कार्य-योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की सफलता के लिए सुगम एवं सुरक्षित पहुंच व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने कहा कि समान पक्षी विहार प्राकृतिक सौंदर्य एवं जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, यहां इको-टूरिज्म गतिविधियों के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण एवं वन्यजीव सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं बल्कि लोगों को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना भी होना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित स्थलों का संयुक्त सर्वेक्षण कर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जाए, भूमि की उपलब्धता, पर्यावरणीय प्रभाव, वन्यजीव संरक्षण, जल स्रोतों की स्थिति, पहुंच मार्ग एवं पर्यटन संभावनाओं का समग्र अध्ययन करते हुए व्यवहारिक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी शिवम मिश्रा, उप जिलाधिकारी किशनी गोपाल शर्मा के अलावा वन विभाग के अन्य अधिकारी, ग्राम प्रधान समान उमेश शर्मा, राजस्व निरीक्षक, क्षेत्रीय लेखपाल आदि उपस्थित रहे।
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