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विनियमित क्षेत्र की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, पर्यावरण संरक्षण एवं नियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा-जिलाधिकारी

Gargachary Times 3 June 2026, 21:13 46 views
Mainpuri
विनियमित क्षेत्र की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय, पर्यावरण संरक्षण एवं नियोजित विकास को मिलेगा बढ़ावा-जिलाधिकारी
मैनपुरी - जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने विनियमित क्षेत्र की बैठक में नगर क्षेत्र के नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण, शैक्षिक अधोसंरचना, सुदृढ़ीकरण तथा भवन निर्माण संबंधी विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होने कहा कि जनपद का विकास केवल भवनों, सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि उसे पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण और ऊर्जा बचत के साथ जोड़ा जाना आवश्यक है, बैठक में नगर क्षेत्र स्थित 05 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण के केंद्र हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत प्रस्तावों के अनुरूप निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए तथा गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, बाउंड्रीवॉल निर्माण से विद्यालय परिसरों की सुरक्षा बढ़ेगी, अतिक्रमण की संभावनाएं समाप्त होंगी तथा विद्यार्थियों को सुरक्षित शैक्षिक वातावरण उपलब्ध होगा। बैठक में नगर क्षेत्र में नए भवनों के निर्माण हेतु प्रस्तुत किए जाने वाले नक्शों के अनुमोदन संबंधी प्रकरणों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श के उपरांत निर्णय लिया गया कि अब भवन निर्माण स्वीकृति की प्रक्रिया को पर्यावरणीय मानकों से जोड़ा जाएगा, भविष्य में भवन निर्माण के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले प्रत्येक नक्शे में सोलर सिस्टम, रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तथा वृक्षारोपण को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, बिना इन व्यवस्थाओं के भवन निर्माण की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। श्री त्रिपाठी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए सौर ऊर्जा का उपयोग समय की आवश्यकता बन चुका है, इसी प्रकार भू-जल स्तर में लगातार हो रही गिरावट को रोकने के लिए वर्षा जल संचयन व्यवस्था प्रत्येक भवन में अनिवार्य की जानी चाहिए, भवन निर्माण केवल निजी सुविधा का विषय नहीं है बल्कि उसका प्रभाव समाज और पर्यावरण दोनों पर पड़ता है इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि भवन के क्षेत्रफल के अनुसार सोलर सिस्टम, रेनवाटर हार्वेस्टिंग तथा हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए निर्धारित धरोहर राशि जमा कराई जाएगी, संबंधित भवन स्वामी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सोलर सिस्टम स्थापित करने, वर्षा जल संचयन प्रणाली विकसित करने तथा निर्धारित संख्या में वृक्षारोपण किए जाने के बाद फोटो उपलब्ध कराने के पश्चात जमा धरोहर राशि वापस की जाएगी। उन्होने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल नियम बनाना नहीं बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। बैठक में जनपद को विकास प्राधिकरण घोषित किए जाने के संबंध में भी विचार किया गया, उन्होनेे संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास प्राधिकरण गठन हेतु निर्धारित मानकों का परीक्षण कर आवश्यक अभिलेख, आंकड़े एवं तकनीकी विवरण तैयार किए जाएं साथ ही शासन स्तर पर आवश्यक पत्राचार की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जाए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण के गठन से जनपद में सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा, अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा तथा शहरी विकास योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। उन्होने कहा कि भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए ताकि नागरिकों को अनावश्यक कार्यालयी प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े, प्रत्येक आवेदन का परीक्षण नियमानुसार करते हुए निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पूर्व में आवासीय भवन विकास शुल्क में परिवर्तन किया गया है, पूर्व में आवासीय भवन की दर रू. 05 प्रति वर्गफीट थी, जिसे बढ़ाकर अब रू. 10 प्रति वर्गफिट किया गया है, इसी प्रकार वाणिज्यिक भावनाओं की पूर्व दर रू. 07.50 प्रति वर्ग फीट से बढ़कर रू. 20 प्रति वर्गफीट, संस्थागत भवनों की पूर्व निर्धारित दर रू. 07.50 पैसा प्रति वर्ग फीट से बढ़कर रू. 15 प्रति वर्ग फीट की गई है, सोलर सिस्टम स्थापना हेतु 2000 वर्ग फीट तक के आवासीय भवनांे में रु. 10 हजार, 2000 वर्ग फीट से अधिक पर रु. 15 हजार एवं वाणिज्यिक भवनों हेतु रु. 20 हजार की धरोहर राशि निर्धारित की गई है, इसी प्रकार रैन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु 2000 वर्ग फीट के आवासीय भवनों हेतु रु. 05 हजार एवं 2000 वर्ग फीट से अधिक आवासीय भवनों हेतु रु. 10 हजार एवं वाणिज्यिक भवनों हेतु रु. 15 हजार, पौधा रोपण हेतु रु. 500 प्रति पेड़ की दर से धरोहर राशि निर्धारित की गई है। इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनन्द, सहयुक्त नियोजक आगरा स्मिता निगम, उप जिलाधिकारी सदर अभिषेक कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका बुद्धि प्रकाश के अलावा अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण, जल निगम, विनयमित क्षेत्र के अवर अभियंता आदि उपस्थित रहे।
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