वृंदावन में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज
Gargachary Times
8 June 2026, 21:33
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Mathura
वृंदावन । पुनीत शुक्ला
विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने यातायात समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी सिलसिले में पर्यटक थाना परिसर में सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह सभी विभागों की दूसरी समीक्षा बैठक थी, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर में बढ़ते जाम, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन और प्रमुख मंदिर मार्गों पर यातायात के दबाव को कम करना था। बैठक में नगर निगम, यातायात पुलिस, आरटीओ और राजस्व विभाग सहित कई सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यातायात व्यवस्था को लेकर पहले जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा ने कहा कि वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए कार्ययोजना को धरातल पर उतारने में कोई कोताही न बरती जाए। सीओ सदर प्रीतम पाल सिंह ने बताया कि प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वहीं नगर निगम के अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक ने आश्वस्त किया कि निगम चिन्हित स्थानों से अतिक्रमण हटाने और पार्किंग प्रबंधन को सुधारने के लिए संयुक्त अभियान चलाएगा।
इस बैठक में वृंदावन सिविल सोसाइटी, उद्योग व्यापार मंडल और बृजवासी तीर्थ पुरोहित हित पंडा सभा के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय रूप से अपने सुझाव रखे। उन्होंने शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष प्रबंध करने की मांग की। बैठक में सभी पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वृंदावन की बदलती जरूरतों के अनुसार यातायात में दीर्घकालिक सुधार बेहद जरूरी हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान श्याम सुंदर गौतम, अभय वशिष्ठ, पवन ठाकुर, जितेंद्र सिंह राणा, धनेंद्र अग्रवाल बॉबी, सोहन सिंह सिसोदिया, अमित शर्मा, रासबिहारी अग्रवाल, विवेक गौतम और रवि यादव सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, और अब सभी की नजरें इन निर्णयों के जमीनी क्रियान्वयन पर टिकी हैं।