संसद की टिप्पणी के बाद ब्राह्मण एवं अग्रवाल समाज में व्यापक आक्रोश, विरोध प्रदर्शनो एवं ज्ञापनों का दौर जारी
Gargachary Times
9 June 2026, 20:18
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Dholpur
डा हरिप्रकाश लवानिया धौलपुर
लग रहा है आप भी औकात पर आ ही गये।
राष्ट्र को लेकर चले थे जात पर आही गये।।
धौलपुर करौली सांसद भजन लाल जाटव द्वारा ब्राह्मण एवं अग्रवाल ऑन समाज के लोगों पर की गई टिप्पणीके बाद समूचे क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है
___सांसद ने ___
क्या कहा
"ब्राह्मण और बनियों के ब्याह नहीं हो रहे अब तो मैं देख रहा हूं कि एस सी की मिल जाए एसटी की मिल जाए वाल्मीकि की मिल जाए प्यार से मिल जाए ;बंगाल से मिल जाए कछु तरह से मोणा को ब्याह हैजाय और भावर पड़ जाए;
यह बयान किसी शराबी अथवा नशेड़ी का नहीं बल्कि यह बयान है देश की सर्वोच्च पंचायत में बैठने वाले धौलपुर करौली सांसद एवं कांग्रेसी नेता राजस्थान सरकार में पूर्व मंत्री भजनलाल जाटव का वह शायद भूल गए कि मतदाताओं ने होना इसलिए नहीं चुना कि किसी भी समाज पर मनमर्जी टिप्पणी करें अब भूल गए की संसद लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें सभी धर्म जाति संप्रदाय शामिल हैं उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर सुनकर आश्चर्य हुआ इस बयान के बाद ब्राह्मण एवं अग्रवालों में व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है तथा सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की जा रही है धौलपुर एवं करौली में विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापनों का दौर जारी है भाजपा नेत्री एवं राजाखेड़ा विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी रही नीरजा शर्मा ने सांसद के इस बयान पर विरोध व्यक्त करते हुए इसे ओछी मानसिकता वाला बयान बताते हुए उन्होंने कहा किसी समाज के बारे में इस तरह की टिप्पणी करने का हक आपको किसने दिया उधर बाड़ी में संसद की टिप्पणी के खिलाफ अग्रवाल समाज की अग्रवाल धर्मशाला में बैठक आयोजित की गई जिसमें वक्ताओं ने इस बयान को असहनीय एवं निंदा जनक बताते हुए विरोध प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति का नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सोप पर संसद को बर्खास्त करने की मांग की है तथा इस बयान को द्वेष पूर्वक बताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है जिला मुख्यालय धौलपुर पर भी विप्र फाउंडेशन एवं अग्रवाल समाज के बड़ी संख्या में लोग स्टेशन रोड पर एकत्रित हुए तथा संसद के बयान को मानसिक दिवालियापन बताया स्टेशन रोड से हाथों में तख्ती एवं बैनर लिए सैकड़ो की संख्या में संसद के खिलाफ नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया तथा संसद का फोटो जलाकर नाराजगी व्यक्त की गई इस अवसर पर बक्ताओ ने संसद द्वारा दिए गए बयान को बर्दाश्त की सीमा से बाहर बताया उधर करौली से भी सासद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के समाचार मिले हैं उद्योगपति एवं व्यवसायी गोपाल शर्मा ने नाराजगी वक्त करते हुए पूछा कि हमारे समाज पर टिप्पणी करने वाले सांसद को यह अधिकार किसने दिया
कांग्रेस के सांसद भजनलालजाटव नै न सिर्फ ब्राह्मणों एवं अग्रवालों पर टिप्पणी करके भावनाओं को आहत किया है बरन एससी एसटी बाल्मिक समाज बिहारी एवं बंगालियों पर भी अक्षम्य टिप्पणी की है लाखों लोगों का देश की संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद ही जब समाज में जातिवाद का जहर घोलकर विदद्बश फैलाने लगे तो उसकी मानसिकता का सहजही अंदाज लगाया जा सकता है शायद सांसद यह भूल गए कि ब्राह्मण एवं अग्रवालों ने भी आपको संसद तक पहुंचाने में में सहयोग किया है